
किसानों के चेहरे खिले
कांटाफोड़ – जितु सिंगी
क्षेत्र सहित जिले में अच्छी वर्षा होने से चंद्रकेशर बांध लबालब होकर अपनी क्षमता पूर्ण कर चुका है।
रबी की फसल गेहूं-चने के सीजन के लिए पर्याप्त पानी मिलने से किसान खुश नजर आ रहे है
क्षेत्र का सबसे बड़ा चंद्रकेशर बांध पूर्ण रूप से भर चुका है।ज्ञात हो की 31 फिट चंद्रकेशर बांध की क्षमता है उसके बाद ओवरफ्लो के रूप में पानी गिरता है।पहाड़ों के बीच स्थित बांध
के आसपास काफी हरियाली हो चुकी है। जब ओवरफ्लो बांध से पानी गिरता है तो इसकी सुंदरता और बढ़ जाती है। इसे निहारने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। यह एक पर्यटन स्थल भी है। किसानों के लिए जीवनरेखा के समान यह बांध है। क्षेत्र के किसान रामभरोस पटेल,प्रदीप डाबी,अशोक जाट,हरीश पाराशर,गिरधर बियानी,अजय सिंगी, विनोद दुबे,शैलेश जायसवाल,आनंद तिवारी शेखर जाट ने बताया कि यह बांध किसानों के लिए जीवन रेखा के समान है। इससे क्षेत्र के 15 हजार एकड़ भूमि पर सिंचाई होती है। यहां से नहरों के माध्यम से खेतों में पानी पहुंचता। इस वर्ष पर्याप्त बारिश होने से रबी के सीजन में किसानों को पर्याप्त पानी मिलेगा जिससे गेहूं चने का उत्पादन बढ़ेगा।
3200 किसानों को मिलता है लाभ
बांध की लंबाई करीब 2450 मीटर व ऊंचाई 18.9 मीटर है। इस बांध योजना में कांटाफोड़, लोहारंदा, सतवास, जानसुर, जिनवाणी, मेंहदुल,
बुरूट, डाबरी सहित 24 गांवों के 3200 किसान लाभान्वित होते है। लगभग छह हजार हेक्टेयर (15000 एकड़) भूमि पर सिचाई होती है क्षेत्र में रबी सीजन बढ़ने की उम्मीद रबी के सीजन में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध रहने की संभावनाओ के बीच किसान कयास लगा रहे की इस बार क्षेत्र में रबी सीजन के रकबे मे बढ़ोतरी हो सकती है क्षेत्र में अधिकतर किसान गेहूं एवं चने की बनी करते हैं कई किसान ऐसे हैं जिनके के पास सिंचाई के लिए निजी व्यवस्था नहीं होती है वह बांध के पानी के सहारे ही रबी सीजन की खेती करते हैं