
ग्रामीणों और गरीबों के साथ किसानों का होगा फायदा
संघर्ष से सिद्धि विशेष खबर
उज्जैन:-मध्यप्रदेश राज्य परिवहन निगम बंद होने का मुख्य कारण इसके संचालन से दिन प्रति दिन हो रहा था घाटा उस समय प्रति व्यक्ति आय भी कम थी और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़के भी व्यवस्थित ही नही थी ही नहीं लेकिन आज की सभी स्तिथिया भिन्न है।
गुजरात,महाराष्ट्र,हरियाणा,यूपी, दिल्ली,राजस्थान सहित अनेक राज्यों में सरकार के उपक्रम सड़क परिवहन विभाग द्वारा निरंतर बसों का संचालन किया जा रहा है जिससे सभी लोगो को आवागमन के साधन समय पर और कम दरों पर उपलब्ध हो रहे है।
मध्यप्रदेश सरकार का अन्य राज्यो से अनुबंध था इसकरण अंतर्राज्यीय बसों के परमिट पर सरकारी उपक्रम राज्य परिवहन की बसे चलाई जा रही थी लेकिन मध्यप्रदेश राज्य परिवहन निगम को बंद करने से महज मध्यप्रदेश राज्य परिवहन निगम की संचालित बसे बंद हुई उनकी सभी राज्यों की बसे आज भी प्रदेश में निरंतर चल रही है।
मध्यप्रदेश राज्य परिवहन निगम को बंद करने का मुख्य कारण घाटा तो था ही लेकिन में किसी पर आरोप नही लगाता बल्कि विभाग का रख रखाव और उसकी देख देख भी व्यवस्थित नही हो पा रही थी जबकि निजी बसे उस समय जो चल रही थी वह आज भी चल ही नहीं रही बल्कि उन्ही के अलावा आज सेकडो हजारों की संख्या में बस मालिक बनकर प्रदेश ही नहीं बल्कि प्रदेश से आसपास के अन्य राज्यो में भी अपनी बसों का संचालन परमिट प्राप्त कर कर रहे है।
आज प्रदेश के सभी शहरों से ग्रामीण क्षेत्रों की सड़को का जाल बुना हुआ होकर आवागमन की सड़के प्रधान मंत्री योजना और अन्य योजना में सड़के बनाई वही सेतु निगम के द्वारा भी प्रदेश में काफी निर्माण किया गया है।
प्रदेश में निजी बस संचालकों के द्वारा मध्यप्रदेश राज्य परिवहन निगम के रूट पर सरकार से परमिट प्राप्त कर बसों का संचालन किया जा रहा बल्कि अब प्रदेश में बेहतर सड़क परिवहन की व्यवस्था होने के चलते कई गुना अधिक बसे प्रदेश के सभी रूटो पर चल रही है बल्कि लक्जरी बसे संचालित हो रही है।
प्रदेश सरकार ने अमृत योजना के तहत नगरीय निकायों को बसों का आवंटन किया है यह एक सराहनीय कदम है ।
प्रदेश के हजारों ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी परिवहन की व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीणों को अगर स्वयं के वाहन हो तो ठीक नही तो निजी चल रही कंडम खटारा जीप और टेक्सियो में ठसाठस सवारियों के बीच यात्रा करनी पड़ रही है और दोगुना किराया भी देना पड़ रहा है और परेशानियां भी उठाना पड़ रही है।
भाजपा ने 2003 के चुनाव घोषणा पत्र में मध्यप्रदेश सड़क परिवहन निगम का पुनरुत्थान कर संचालित करने का वादा किया था आज 21 साल बाद उसको पूरा करने का समय आ गया है क्योंकि प्रदेश की ग्रामीण और गरीब जनता के साथ ही किसानों को पुनः सरकार द्वारा संचालित मध्यप्रदेश सड़क परिवहन निगम की सेवाओं की आवश्यकता महसूस हो रही जिससे सस्ती दर पर आवागमन समय पर प्राप्त होने की आशा है वही इससे हजारों लोगो को रोजगार भी प्राप्त होगा।
आज प्रदेश में बसों की इतनी संख्या एक एक रूट पर हो गई जिसके चलते प्रतिस्पर्धा हो रही है जिससे तेज गति से चलती बसों से एक्सीडेंट भी काफी होने लगे है किसी प्रकार का कोई नियंत्रण नहीं है।
डॉ मोहन यादव मुख्यमंत्री जी से निवेदन है की भाजपा सरकार ने 2003 के चुनाव के घोषणा पत्र में पुनः मध्यप्रदेश राज्य परिवहन निगम के पुनरुत्थान का वादा किया था उसको मूर्त रूप देकर हजारों लोगो को रोजगार देने के लिए एक नया कार्य करे और अमृत योजना के तहत मध्यप्रदेश राज्य परिवहन निगम का संचालन करते हुए इसकी जवाबदारिया संबंधित नगरीय निकायों को दी जावे ताकि बसों का रख रखाव और उसकी व्यवस्था अच्छी तरह से हो सके ।