
अशोक पाटीदार
चीताखेड़ा:- पैर के उपर पैर लगा तो मामला विवाद का रुप धारण करता हुआ पुलिस थाने होकर पहुंचा जेल तक। भाई और साथी को हीरो बनना पड़ा महंगा, नायक बनकर गए स्कूल में मचाया उपद्रव, बेरहमी से की मारपीट, पुलिस पहुंची मौके पर तो ले आई खलनायक बनाकर । पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तहसीलदार के समक्ष किया पेश जिस पर तहसीलदार ने कनावटी जेल।
बुधवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अध्ययनरत कक्षा 11 वीं का छात्र सुनील पिता केशरीमल मीणा 16 वर्ष का पैर कक्षा 9 वीं के छात्र तोसिफ के पैर पर लग जाने की बात को लेकर कुछ कहा सुनी हो गई थी। मामले को इंचार्ज प्राचार्य श्रीमती पूर्णिमा शर्मा ने समझा बुझाकर शांत कर दिया था। परंतु ने अपने भाई को मोबाइल पर झगड़ा होने की सुचना दे दी। बस फिर क्या होने वाला था भाई अपने मित्र अरशद पिता शोकत शेख,शोयब पिता मंजूर बक्श, अरशद पिता इसरार शेख तीनों निवासी चीताखेड़ा फिल्मी स्टाइल में मोटरसाइकिल से नायक बनकर स्कूल पहुंच गए और जाते ही दरवाजे पर लात मारकर ललकारते हुए कहा कि कौन है वो मेरे भाई को तखलीफ पहुंचा रहा है। इतने में तो तीनों छात्र सुनील मीणा निवासी सांवलपुरा पर कक्षा में ही पढ़ाई के दौरान टूट पड़े ओर बेरहमी से पीटने लगे। मामले को देख प्राचार्य ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को मौके पर ही दबोच लिया और थाने ले आई। खलनायक बनाकर पुलिस ने तीनों को जीरन तहसील में तहसीलदार नवीन गर्ग के समक्ष पेश किया गया। जहां तहसीलदार ने तीनों को जेल भेज दिया।
गुरुवार को इसी मामले को लेकर परिजनों के साथ दक्षिण मंडल क्षेत्र से 100-150 की संख्या में एकत्रित भीड़ उग्र होकर शा.उ.मा.वि.पहुंच गए जहां मौके पर पुलिस सहायता केंद्र चौकी प्रभारी विरेन्द्र सिंह बिसेन ने चर्चा करते हुए कहा कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तहसीलदार के समक्ष पेश कर उन्हें जेल भेज दिया है। पुलिस ने इस मामले में कोई कसर नहीं छोड़ी है। भीड़ को चौकी प्रभारी विरेन्द्र सिंह बिसेन ने समझाईस देकर भेजा। मामले को शांति भंग में दर्ज कर लिया था जिस पर गुरुवार को परिजनों ने भीड़ के साथ पुलिस पर दबाव बनाकर मारपीट होने का मुकदमा दर्ज कराया और सुनील मीणा का चिकित्सालय में मेडिकल भी करवाया गया जिस पर पुलिस ने तीनों उपद्रवियों के खिलाफ 296,115,351,3(5) अधिनियम धारा के तहत कायमी की गई। तीनों उपद्रवियों की जमानत याचिका खारिज करने हेतु तहसील में तहसीलदार को भी लिखित में ज्ञापन सौंपा। तहसीलदार नवीन गर्ग ने कहा कि मेरे अधिकार में है उतने दिन तक तो जमानत नहीं होगी। इस बात से उग्र भीड़ शांत होकर अपने घर लोटे।
इनका कहना –
मैं जिला कलेक्टर के आदेशानुसार स्कूल संबंधित कार्य से बैठक में गया था और पूर्णिमा शर्मा को चार्ज देकर गया था। सुचना मिलते ही पुलिस को सूचना दे दी थी। पुलिस मौके पर आ गई थी उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।
प्राचार्य विकास साल्वी शा.उ.मा.वि.चीताखेडा।–
हमने सुचना मिलते ही उपद्रवियों को मौके पर ही दबोच लिया और मुकदमा दर्ज कर तीनों को तहसीलदार के समक्ष पेश किया जहां तहसीलदार ने उन्हें जेल भेजा।
चौकी प्रभारी विरेन्द्र सिंह बिसेन, पुलिस सहायता केंद्र चीताखेड़ा।—