
मातारानी की भक्ति मे रमा अंचल,भक्ति भाव से की माता कि अगवानी…
देवेन्द्र वाणी संभागीय ब्यूरो
नानपुर:- गुरुवार से घटस्थापना के साथ ही शुरू हो गया शारदीय नवरात्रि। स्थानीय अति प्राचीन कालिका मंदिर के पुजारी पंडित इंद्रप्रकाश शर्मा ने बताया की माता के भक्त नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की विशेष पूजा अर्चना की गई। यह पर्व शुद्ध आस्था, ध्यान,और तपस्या का प्रतीक है। शारदीय नवरात्रि के दौरान,श्रद्धालु मां की साधना करते है,उपवास रखते हैं,मंदिरों में जाकर देवी दुर्गा की पूजा करते हैं,और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। नवरात्र का उद्देश्य देवी दुर्गा की शक्ति का आह्वान करना और उनके नौ रूपों से जीवन में शांति, समृद्धि और खुशहाली प्राप्त करना है। इस दिन लोग माता की चौकी,अखंड ज्योति व देवी प्रतिमा भी स्थापित करते हैं।
शारदीय नवरात्री को लेकर गांव के मंदिर में विशेष फूलो से साज सज्जा के साथ ही रिमझिम लाइटो से मां का दरबार ,पांडाल सजाया गया कई संगठनों की ओर से जहां धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे। वहीं, हर रोज मंदिर में सुबह-शाम विशेष पूजा अर्चना की जा रही। गांव में सबसे प्राचीन मां कालिका मंदिर में प्रतिदिन भक्तों का सुबह और शाम को आराधना का दौर नव दिवस तक अनवरत जारी रहता है। गांव के विभिन्न सामाजिक संगठनों के द्वारा बड़ चौक,राम चौक,राठौड़ धर्मशाला,माली मोहल्ला, के.बी.रोड पर,मोरीफलीया व आसपास के अंचल में भी मां की स्थापना की जाती है। और देर रात्रि तक गरबे के आयोजन किया जा रहा है। शक्ति आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र पर देवी दुर्गा की पूजा जाती है। इसके अलावा देवी के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा होती है। हिंदू धर्म में देवी दुर्गा जो माता पार्वती का ही स्वरूप हैं,उन्हें महाशक्ति के रूप में पूजा जाता है। साथ ही स्थानीय जय भिलट देव समिति की और से पावागढ़ दर्शन जाने वाले भक्तो के लिए नव दिवस चाय,फलाहारी की निशुल्क सेवा की जाती है।