
तराना शहर के गांजा माफियाओं के आका कौन……?
अरशद जागीरदार
तराना :- तराना का नाम प्रदेश ही नहीं देश में गांजा खरीदी बिक्री में अव्वल नंबर पर है इसमें कोई संदेह नहीं है और कोई दो राय नहीं……..!
प्रदेश के मुखिया डॉ मोहन यादव भी अवैध माफियाओं के गिरोह को खत्म करने का फरमान जारी कर चुके है चाहे वह शराब,भूमाफिया या नशा सामग्री सप्लाय करने वाला हो।प्रदेश के साथ ही उज्जैन जिले की पुलिस भी निरंतर अवैध शराब और नशा माफियाओं पर कार्यवाही करती नजर आ रही लेकिन लगता है तराना थाने की पुलिस तक यह फरमान नही पहुंचा तभी तो तराना में सट्टा वाला हो यह कोई नशा का व्यापारी उसके यहाँ जिले की पुलिस ही दविश देती है शायद कप्तान को भी तराना पुलिस पर भरोसा नहीं लगता है।
लगता है सट्टा वाला हो या नशे सामान गांजा का तस्कर माफियाओं का आका रसूखदार है की दविश के बाद भी शहर में अवैध सट्टे के साथ साथ गांजे का लाखो करोड़ों का व्यापार बेधड़क बैखोफ चल रहा है यह इस बात से पता चलता है कुछ माह पूर्व गांजे से भरा एक ट्रक तराना रोड पर पकड़ाया था उस माफिया का न तो पुलिस न नारकोटिक्स विभाग पता लगा पाया की 1376 किलो गांजा कहा से आया था और किसको सप्लाय हो रहा था।
गुरुवार को भी शहर में किसी गांजा तस्कर माफियाओं के पर उज्जैन की महिला पुलिस जो किसी थाने में पदस्थ है के द्वारा गांजा की अवेध तरीके से गांजा बेचने वाले व्यापारी को पकड़ा है की चर्चा का बाजार गर्म रहा लेकिन बड़ी बात यह की ये गांजा व्यापारी के यहां पर किस अधिकारी ने रेड मारी किसी भी अधिकारी को नहीं पता देहात पुलिस अधीक्षक को भी मीडिया से पता चला की कोन से क्षेत्र की पुलिस ने थाना तराना क्षेत्र के इमलीवाडी में किस क्षेत्र की टीम ने दबिश मारी है किसी को पर नही है ,
खरीददार को लेकर आई थी पुलिस पुड़िया ली और पकड़ लिया ,
सूत्रों की माने तो उज्जैन शहर की टू स्टार महिला अधिकारी और उनकी टीम के 5 सदस्य एक गांजा की पुड़िया खरीदने वाले व्यक्ति को लेकर आई थी जैसे ही व्यक्ति ने पुड़िया ली और पुलिस ने दबिश डाल दी और एक व्यक्ति को पकड़ कर बिछडोद के रास्ते निकली सूत्रों की माने तो गांजा व्यापारी के पास से 1,5 किलो गांजा पकड़ा है ,तराना के गांजा व्यापारियों को संरक्षण देने वाले गिरोह भी टीम के पीछे जाते दिखा खेर खबर लिखे जाने तक पुलिस को भी नही पता था किस थाना की पुलिस दबिश देने आई थी।
गुरुवार को दिन की घटना और शुक्रवार शाम तक पुलिस विभाग की और से कोई प्रेस नोट जारी नही होना कई प्रकार की शंकाओं को जन्म देती नजर आ रही है वही तराना में शुक्रवार को चर्चाएं होती रही उधर शहर में अवैध गांजा पुड़िया और सप्लाय का बेखौफ धंधा चल रहा था।
पुलिस अधीक्षक को इस मामले को संज्ञान में लेकर खुलासा करना चाहिए की आखिर कोई रिहर्सल थी या माजरा कुछ और ताकि अनेकों प्रकार की चर्चाओं को विराम मिल सके।
इनका कहना ,
मीडिया के माध्यम से पता चला है जानकारी लेती हु किसी भी टीम की दबिश की जानकारी नहीं है ,
पल्लवी शुक्ला एडिशनल एसपी