
यह प्रस्तुतियां नारी शक्ति के लिए स्वयं की आत्मरक्षा ,मनोबल और आत्मविश्वास को निरंतर एक नई ऊर्जा प्रदान करेगी
खरगोन आकाश गुप्ता
ज्योति नगर में विराजित खरगोन की महारानी के पांडाल में बने मंदिर को स्वर्ण रूप दिया गया था,जो भक्तो के लिए आकर्षण का केंद्र था। वही माता रानी अपने मनमोहक श्रृंगार से दर्शन देने के लिए श्रद्धालुओं के बीच विराजित थी। यहां नव दिन तक होने वाले नवरात्र पर्व में माता जी की आराधना भक्ति भाव एवं पूर्ण श्रद्धा के साथ प्रतिदिन अलग-अलग प्रस्तुतियों के माध्यम से दिखाई दे रही थी।
शस्त्र और शास्त्र सम्यक था, मंडी में विराजित मां तुलजा भवानी का पांडाल
सकल हिंदू समाज की मात्र शक्तियों के द्वारा खरगोन की अनाज मंडी में मां तुलजा भवानी की 21 फुट ऊंची भव्य प्रतिमा विराजित की गई । नवरात्र पर्व में होने वाली नव दिवस की प्रस्तुतियों के लिए,मात्र शक्तियों के द्वारा शस्त्र और शास्त्रों के अनुसार 15 दिन का अभ्यास पूर्व में कराया गया एवं मातृ शक्तियों के द्वारा यहां निरंतर नवरात्र के नव दिनों तक सोर्य और प्रेरणा से भरी हुई प्रत्येक दिन माता के अलग-अलग स्वरूप में नवीन प्रस्तुतियां दी गई, जो श्रद्धालुओं और भक्तगणों को देखने को मिली। जैसे की मान्यता है कि नवरात्रि पर्व शक्ति की आराधना का पर्व है,शक्ति की आराधना को लेकर मात्र शक्तियों ने खरगोन शहर एवं आसपास के ग्रामों से आने वाली महिलाओं को अपनी शक्ति और शौर्य के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरणादायक प्रस्तुतियां निरंतर दी। मात्र शक्ति बताती है कि यह प्रथम वर्ष था,और यहां पर पूर्व अभ्यास में 5 वर्ष से 60 वर्ष की मात्र शक्तियों ने पूर्ण शास्त्र अनुसार शस्त्र चलाने का भी अभ्यास किया। शस्त्रों के साथ मात्र शक्तियों ने माता के सभी अवतारों को लेकर एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां यहां पर दी,मात्र शक्ति बताती है कि यह प्रस्तुतियां नारी शक्ति के लिए स्वयं की आत्मरक्षा उनके मनोबल और आत्मविश्वास को एक नई ऊर्जा प्रदान करेगी,जहां नारी खुद को कभी अबला नहीं समझेगी।
नवदिवशीय नवरात्र में प्रत्येक दिन अलग अलग छेत्र और ग्रामों से माता बहनों की मंडलियों ने आकर यहां भजनों की प्रस्तुतियां भी निरंतर दी। ज्योति नगर में विराजित खरगोन की महारानी और मंडी में विराजित सकल हिंदू समाज की महिलाओं के द्वारा मां श्री तुलजा भवानी इन दोनों ही पांडलो में जमकर रही नौ दिनों तक श्रद्धालुओं की भीड़।