
मंदसौर में मौसमी वायरस से प्रभावित मरीजों की संख्या में भी काफी वृद्धि हो रही है। बुखार, खांसी और जुकाम जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं ।
जिले में डेंगू के मामलों में वृद्धि की खबरें भी सामने आ रही है।
जिला चिकित्सालय में मरीजों से मिलने के लिए लोगों की बड़ी संख्या में भीड़ देखी जा रही है। जिससे जिला चिकित्सालय में असुविधा उत्पन्न हो रही है।
स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर डीके शर्मा ने डेंगू बीमारी के प्रति नागरिकों को जागरूक करते हुए सलाह दी है कि । नागरिकों को आस पास की सफाई रखना चाहिए , पानी को एकत्रित नहीं होने देना चाहिए
और मच्छर के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने की सलाह दी । साथ ही उनके द्वारा यह भी बताया गया कि जहां पर अधिकांश मच्छर पनप रहे हो ऐसे स्थान की जानकारी मलेरिया विभाग की टीम को देनी चाहिए । यदि आपको बुखार या अन्य लक्षण महसूस होते हैं, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। मंदसौर जिले में डेंगू के मरीजों को प्लेटलेट्स की आवश्यकता को लेकर प्राइवेट नर्सिंग होम कुछ भ्रम पैदा कर रहे हैं। कई बार मरीजों और उनके परिजनों को अनावश्यक प्लेटलेट चढ़ाने का दबाव बनाया जा रहा है। स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर डीके शर्मा द्वारा जानकारी देते हुए यह भी बताया गया कि डेंगू मरीजों को 20000 प्लेटलेट होने पर ही प्लेटलेट चढ़ाने की आवश्यकता होती है पर प्राइवेट नर्सिंग होम 50000 प्लेटलेट होने पर भी प्लेटलेट चढ़ाने के लिए मरीज को भ्रमित करते हैं। और परिजनों को जिला चिकित्सालय प्लेटलेट लेने के लिए भेज देते हैं । स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि लोग केवल विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह पर ही उपचार करवाएं और बिना जरूरत के प्लेटलेट चढ़ाने से बचें। सही जानकारी और उपचार के लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर ही संपर्क करें।