घोटाला करो पदोन्नति पाओ, अखबारों या विभागों में चल रही जोरों से चर्चा

दुलीचंद मार्को संवाददाता

मंडला जिले के निवास में स्थित बीईओ कार्यालय बीते माह यहां हुए भ्रष्टाचार के लिए चर्चाओं में रहा है यहां पर अलग-अलग समय में पदस्थ बीईओ भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए जिसके बाद तीनों के ही खिलाफ एफआईआर कराई गई, बड़ी मुश्किल से हाईकोर्ट से राहत मिली है हाल में लिए गए प्रशासनिक फैसले से यह विभाग फिर चर्चा में है।
विगत वर्षों में विकासखंड शिक्षा कार्यालय निवास में किए गए लाखों के घौटाले में शामिल लोगों को पदोन्नति के साथ-साथ नई पद स्थापना भी दी जा रही है। गत दिवस प्रकाशित समाचार में इस बात का उल्लेख किया गया था, कि वर्तमान में शासन द्वारा चलाई जा रही उच्च पद प्रभार में किसी भी को कोई भी प्रभार दिया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लगभग 46 लाख के घोटाले में शामिल तात्कालिक विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती शोभा अय्यर को ग्रेड वन प्राचार्य बनाया गया, वही दूसरे विकासखंड शिक्षा अधिकारी आनंद जैन को हायर सेकेंडरी प्राचार्य बना दिया गया, इसके साथ ही शोभा अय्यर को पुनः कन्या हायर सेकेंडरी का प्रशासनिक प्रभार दे दिया गया ऐसा क्या है की शासन प्रशासन में जैसा भ्रष्टाचारी चाहते हैं वैसा होता है, मैडम के मामले में तो यह बात बिल्कुल सच साबित होती है। उन्होंने कहा था कि मैं प्रभार लेकर आऊंगी और में जिसे चाहूंगी उसको ही वित्तीय प्रभार दिलाऊंगी और वहीं हुआ आश्चर्य की बात तो यह है। कि इतने बड़े घोटाले के बाद विभाग द्वारा की जाने वाली निलंबन आदि अनुशासनात्मक कार्यवाही तो छोड़ो और उच्च पद प्रभार के साथ साथ मनचाही जगह पदस्थापना दी जा रही है। जैसे शोभा अय्यर एवं आनन्द जैन को दी गई, क्या कोई विभाग का इन्हें बचा रहा है, किसकी मेहरबानी इन भ्रष्टाचारियों पर बनी हुई है? कौन अपना हित साध रहा है।

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Author: jtvbharat