
कॉम्बैट ड्रोन, इंजन निर्माण में शानदार काम करने पर रक्षामंत्री ने किया पुरस्कृत
सफलता का श्रेय मां के परिश्रम के नाम
परीजनों सहीत इष्ट मित्रों ने बधाईयां की प्रेषित
(विशाल बाबा नामदेव)
बाग:-रक्षा अनुसंधान एवं विकास (डी आर
ओ) की “त्वरल” डेयर टू ड्रीम 4.0 के लिए नगर के होनहार युवा इंजीनियर प्रीतम जामोद के सम्मानित होने पर आयोजित किया गया परीजनों हर्ष व्याप्त ।
देश की राजधानी दिल्ली के मुख्यालय मे शुक्रवार 18 अक्टूबर 2024 को आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व आतिथेय डॉ. समीर वी कामत सचिव डीडी (आर एंड डी) एवं अध्यक्ष डीआरडीओ SAP एयरो स्पेस के सह संस्थापक प्रीतम जामोद की टीम ने लड़ाकू पायलट रहित कॉम्बैट ड्रोन और इंजन बनाने की मॉडर्न प्रौद्योगिकी विकसित करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। जिस पर प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस सम्मान से परीजनों सहीत इष्ट मित्रों व स्टाफ ने बधाईयां प्रेषित करते उज्जवल भविष्य की कामना की।
वर्तमान में प्रीतम जामोद भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान(आइआइटी)जम्मू मे बी.टेक के 4
वर्ष की डिग्री प्राप्त करने के बाद पिछले 2 वर्षों से
भारत की रक्षा क्षैत्र के लिए लडाकू विमान का प्रोजेक्ट पर काम कर रहे है। आईआईटी जम्मू का एसएपी एयरोस्पेस डीप टेक स्टार्टअप मानव रहित लड़ाकू ड्रोन और माइक्रो गैस टरबाइन इंजन पर काम कर रहा है, जिसके संस्थापक डॉ. शनमुगदास केपी हैं।
और सह संस्थापक प्रीतम जामोद और आयुष दिव्यांश है।
विकास खंड बाग के ग्राम भत्यारी के जामोद परिवार मे जन्मे । स्वास्थ्य कर्मी पिता अभय सिंह जामोद व माता श्री मती देवकी बाई जामोद के बडे लडके के रूप मे जन्म लिया।प्रारम्भिक शिक्षा बाग से प्रारंभ करते हुए 12 वी के बाद उच्च शिक्षा अध्यायन के लिए कोटा मे रहकर स्थनातक कि डिग्रियां प्राप्त की।
सफलता का श्रेय मां के परिश्रम के नाम
इंजीनियर प्रीतम जामोद ने फोन पर चर्चा करते हुए बताया कि मैं बहुत माध्यम परिवार से आता हूं ।बाल्य काल में ही मेरे पिताजी का स्वर्गवास होने के बाद। परिवार का लालन पोषण एवं मेरी शिक्षा का पूर्ण भार मेरी माता देवकी बाई पर आ गया था। मुझे अच्छे से याद है कि उन दिनों मेरी माता ने कितना परिश्रम और संघर्ष कर हमें योग्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। पारिवारिक आर्थिक तंगी के दौरान भी मेरी माता ने किसी आवश्यक वस्तु की कमी मुझे महसूस नहीं होने दी। वर्तमान में मेरी माता महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रूप में बाग क्षेत्र मे सेवा दे रही हैं । ग्रामीण क्षेत्र में कर्तव्य का निर्वाह करने में महिला कर्मचारी को कितनी दिक्कत आती है। आप सहज ही समझ सकते हैं।मुझे इस योग्य बनाने के लिए मां का वो परिश्रम ही मेरे जीवन का आदर्श है जो भी मे बना हु वह सब मेरी मां का आशीर्वाद के बलबूते ही संभव हो पाया है।
अनोको पुरस्कार और सम्मान से नवाजे गई टीम SAP Aerospace
कुछ समय पूर्व श्रीनगर में जेकेईडीआइ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से भी सम्मान मिला था। जिसमे डीआरडीओ की डेयर टू ड्रीम 4.0 प्रतियोगिता आइआइटी जम्मू ने जीत ली। संस्थान को यह जीत एसएपी एयरोस्पेस और लड़ाकू ड्रोन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य के लिए मिली है, जिसके तहत संस्थान की ओर से ड्रोन के लिए इंजन विकसित किए हैं। वही जम्मू कश्मीर के राज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी उत्कृष्ट प्रतिभा के धनी प्रितम जामोद की देश सेवा ओर मेहनत की प्रशंसा करते हुए रक्षा क्षैत्र मे उनके द्वारा अविष्कारक उपकरणों से भारत की सिमा क्षैत्र की सुरक्षा के कारगर और उपयोगी सिध्द होने कि बात कहते हुए सम्मान पत्र प्रदान किया था।
प्रीतम बोले- दूसरे देशों पर नहीं रहना पड़ेगा निर्भर
बाग के प्रतिभावान छात्र प्रीतम जामोद में संघर्ष से सिद्धि प्रतिनिधि को फोन पर बताया कि देश की सुरक्षा के लिए हमें दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। SAP एयरो स्पेस के माध्यम से हम पायलट रहित कॉम्बैट ड्रोन और इंजन बनाने के लिए बहुत आगे बढ़ चुके हैं।
हमारी इच्छा है कि आर्मी, नेवी के लिए ऐसा ड्रोन और टर्बो जेट इंजन बनाएं जो अपने दुश्मन के टारगेट को मार कर वापस अपने स्थान पर आ जाएं। इस दिशा में हम निरंतर कार्य कर रहे हैं।
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