
।इंदौर शैलेन्द्र श्रीमाल ब्यूरो चीफ।
ट्रैफिक का सबसे ज्यादा कबाड़ा स्मार्ट सिटी की इसी रोड पर | कई बार प्रयोग किए, लेकिन प्रशासन लाचार।
इंदौर। शहर का दिल कहे जाने वाले राजवाड़ा और उससे जुड़े बाजार के सबसे व्यस्त मार्ग रीवर साइड रोड जहाँ पर पूरे दिन में सबसे ज्यादा ट्रैफिक का दबाव होने के कारण पूरे दिन ही जाम लगा रहता है।रीवर साइड और इससे जुड़े रोड जिसमे प्रमुख रूप से एम.जी.रोड,श्री कृष्णा टॉकीज का पूरा मार्किट,जेल रोड,खातीपुरा,रानीपुरा,बागड़,, सियागंज,महारानी रोड प्रमुख है।
इसमें प्रमुख बात यह है कि पूर्वी शहर को पश्चिमी शहर से जोड़ने वाली प्रमुख रोड है जो एम.टी.एच.से रानीपुरा होकर रीवर साइड पर पूर्वी शहर से पश्चिमी शहर को जोड़ने में प्रमुख रोड है। वही कई बड़े अधिकारी दिन में कई बार इस रोड से गुजरते भी है।
इसी रोड और आसपास के बाजार प्रदेश के सबसे बड़े रेडीमेड गार्मेंट्स का होलसेल बाजार है।इसी लिहाज से पूरे प्रदेश ही नही अपितु देश भर के व्यापारी और लोगो का आना जाना लगा रहता है। राजस्व के लिहाज से भी पूरा क्षेत्र शासन को सबसे अधिक राजस्व की पूर्ति करता है।
वहीं चंद व्यापारियों के लालच की वजह से पूरे क्षेत्र के ट्रैफिक का कचूमर निकल जाता है,दिन भर इस रोड पर आम जनता के वाहन रेंगते रहते है।तलघर में दुकान चलाने वाले कई व्यापारी तो रोड पर ही पार्सल (गांठे) रख कर दिन भर व्यापार करते है।* इसी रोड पर होलसेल रेडीमेड गारमेंट का सबसे बड़ा मार्केट प्रकाश प्लाजा (प्रकाश टॉकीज) है, जिसकी वजह से सबसे ज्यादा जाम लगता है। यहाँ के दुकानदारों का माल रोड पर ही रहता है,सबसे ज्यादा लोडिंग वाहन भी इसी मार्केट के बाहर रोड जाम कर खड़े रहते है वही इसी मार्केट में आने वाले लोग मृगनयनी से वनवे में प्रकाश प्लाजा की और आकर ट्रैफिक जाम में अपना भरपूर योगदान देते है। इसी रोड पर दिन में सेकड़ो सिटी बस,स्कूल बस,लोक परिवहन के अन्य साधन के साथ ही हजारों दो और चार पहिया वाहनों का निकलना होता है।
बेतरतीब खड़े वाहन पूरी सड़क पर जाम लगा देते हैं। ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम ने कई बार यहां ट्रैफिक सुधारने के प्रयोग किए, लेकिन नतीजा सिफर रहा। इस रोड के अकेले प्रकाश प्लाजा में सेकड़ो वाहन पार्क करने की पर्याप्त जगह है।जबकि इस के विपरित के चंद लालची व्यापारियों ने निगम द्वारा स्वीकृत पार्किंग की जगह अवैध दुकान बना कर कब्जा कर रखा है। प्रकाश प्लाजा के तलघर में सेकड़ो वाहन पार्क करने की जगह है लेकिन अभी तक जिला प्रशासन की मुहिम यहां नहीं पहुंच पाई है।
पूरे शहर में पार्किंग की जगह पर दुकानें बनाने और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां चलाने के विरोध में जिला प्रशासन द्वारा मुहिम चलाई जा रही है। इस मुहिम में शहर के कई नामी संस्थानों के बेसमेंट में बनी दुकानों को सील कर दिया गया है और कई बिल्डंगों में तो अब पार्किंग भी होने लगी है, जिसके कारण वाहन सड़क पर नहीं खड़े होते हैं। इंदौर में चल रही इस मुहिम की हर कोई प्रशंसा कर रहा है,लेकिन प्रकाश प्लाजा इस मुहिम से अछूता है।
एक-एक मल्टी में छोटी से बड़ी कई दुकानें हैं, लेकिन उनके पास पार्किंग व्यवस्था नहीं है। इस चक्कर में यहां आने वाले ग्राहक बेतरतीब तरीके से अपने वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे दिनभर ट्रैफिक जाम होता रहता है। नगर निगम ने भी यहां लेन बनाई, लेकिन वह भी नाकाफी साबित हुई। अब यहां ट्रैफिक सुधार के नाम पर केवल ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम गलियों में खड़े दोपहिया वाहनों को उठाने का काम करते हैं। पुलिस भी इसमें ही रुचि दिखाती है, जबकि यहां पार्किंग एक बड़ी समस्या है। अब जब जिला प्रशासन की मुहिम चल रही है तो यहां आने वाले ग्राहकों को भी इस मुहिम से एक आस बंधी है कि कम से कम उनकी गाड़ी की पार्किंग तो हो सकेगी।
आश्चर्य की बात है कि दीवाली जैसा बड़ा त्योहार में चंद दिन ही शेष रह गए है,इस क्षेत्र में बेहताशा भीड़ उमड़ेगी,वहीं शहर के इस सबसे व्यस्ततम मार्ग की ओर अभी तक जिला प्रशासन के अधिकारियों का ध्यान नहीं गया है।*अगर यहां के नक्शे जांचे जाएं तो अधिकांश बिल्डिंग गलत तरीके से बनी हुई मिलेंगी।