
खेतिया -राजेश नाहर
दीपावली पर्व पर उम्मीद की नई रोशनी चाहत हर किसी को है दीपावली के लिए समय अब काम ही शेष रहा है वही बाजार में फिलहाल सुस्ती ही दिखाई दे रहे।
कृषि उपज मंडी समिति खेतिया में कपास की आवक नियमित हो रही जिससे फिलहाल आर्थिक गतिविधियां गति पकड़ती दिखाई दे रही है, वही सोने के बढ़ते भाव के चलते स्थानीय सरफ़ा दुकानों पर कोई विशेष चमक दिखाई नहीं दे रही।
दीपपर्व पर मिट्टी के दीपक से रोशनी होती है परंपरागत रूप से बने मिट्टी के दिए अब बाजार में बिकते दिखाई दे रहे हैं वही आधुनिक समय मे विशेष डिजाइन में बने गुजरात के मोरबी,राजकोट के दीपक भी प्रचलन में है ,परम्परागत मिट्टी के दीपकों के साथ नए ट्रेड के चले दीपक भी विक्रय किया जा रहे हैं।
दीप पर्व पर परंपरा को रूप से रंगोली का निर्माण होता है जिसके चलते बाजार में अब रंगोली के रंग , रंगोली व रंगोली बनाने के उपकरण बिकते दिखाई दे रही है,घरों की साजसज्जा हेतु रंगीन बल्बों की लड़ी,कृत्रिम फूल-मालाएं कपड़ा बर्तन , किराना बाजार में फिलहाल उठाव दिखाई नही दे रहा है जैसे-जैसे दिवाली नजदीक आएगी इन बाजारों में चमक बढ़ने लगेगी।हलवाई व कैटर्स भी दीपोत्सव पर्व हेतु मिठाई व नमकीन बनाना प्रारम्भ कर रहे।
नप परिषद खेतिया द्वारा प्रशासन के निर्देशानुसार शहर के फटाका विक्रय हेतु बालक विद्यालय के मैदान,में दुकानें लगायीं जाएगी नप द्वारा किसी अनापेक्षित दुर्घटना से बचाव हेतु 24 घण्टे फायर फाइटर उपलब्ध रहेगा वही दुकानदार को भी आवश्यक सुरक्षा हेतु प्रबंध रखने होंगे।