शिक्षा के प्रति लगनशील आदिवासी बेटियो की गुहार ..

सीएम राईज स्कूल मूंदी की बस में आने और वापस जाने की अनुमति अधिकारीगण दे

साधन नही होने से पैदल 12 किमी मूंदी तक आना और जाना पडता है लौटते वक्त अंधेरा हो जाता है

मुंदी शाहरुख मंसुरी

ग्राम इंजलवाडा की आदिवासी समाज की आठ बेटिया मूंदी की शासकीय कन्या हायर सेकेण्डरी स्कूल तक प्रतिदिन पढने आती है बेटियो का कहना है किे उन्हे आवागमन का साधन नही होने से पैदल 12 किमी मूंदी तक आना और जाना पडता है लौटते वकत अंधेरा हो जाता है । गायत्री पिता मदनसिह, नेहा पिता चैतराम इंजलवाडा ने बताया कि सीएम राईज स्कूल मूंदी की बस इंजलवाडा से मूंदी आकर वापस लौटती है बस खाली रहती है उन्हे इस बस से मूंदी तक आने और वापस जाने की अनुमति अधिकारीगण दे तो हो उनकी प्रतिदिन पैदल चलने की समस्या हल हो जायेगी ।
आग्रह — स्कूल पढने वाली ग्रामीण आदिवासी समाज की बेटियो की समस्या वाजिब है यह भी सही है कि सीएमराईज स्कूल की बसे सिर्फ राईज स्कूलो के विदयार्थियो के लिये अधिकृत है इस बाध्यता के बावजूद अधिकारी संवेदनशीलता दिखाये और समस्या के निराकरण का परीक्षण कराकर बेटियो के लिये यदि कोई रास्ता निकल सकता है तो उन्हे अवसर दिया जाना चाहिए । बेटियो के हित मे यह उचित रहेगा।

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Author: jtvbharat