रामजन्म भूमि आंदोलन की तरह ही गोमाता को राष्ट्रमाता के स्थान पर प्रतितिष्ठ करने की आवश्यकता है- पूज्य महंत दिनेश गिरी महाराज

आगर मालवा से सिंघई ललित जैन की गो अभयारण से सीधी रिपोर्ट
सुसनेर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव द्वारा मध्य प्रदेश के निराश्रित गोवंश के संरक्षण हेतु सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में भारतीय नूतन संवत 2081 से घोषित गो रक्षा वर्ष के तहत जनपद पंचायत सुसनेर की समीपस्थ ननोरा, श्यामपुरा, सेमली व सालरिया ग्राम पंचायत की सीमा पर मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित एवं श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा संचालित विश्व के प्रथम श्री कामधेनु गो अभयारण्य मालवा में चल रहें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 210 वे दिवस पर श्रोताओं को संबोधित करते हुए स्वामी गोपालानंद जी सरस्वती महाराज ने बताया कि वेदलक्षणा ,गो नवरात्रि,,सुरभि संकीर्तन आदि शब्द किसको पता था, इन सबका उद्गम पथमेड़ा के विचारों से ही हुआ है ,पथमेड़ा एक स्थान नही है,बल्कि पथमेड़ा एक विचार है और विश्व की सारी वेदलक्षण गोमाता को पथमेड़ा अपनी मानता हैं।
स्वामीजी ने पथमेड़ा के बारे में बताते हुए कहां कि राजस्थान के जालोर जिले के एक स्थान पर एक महात्मा ने गो हत्या के लिए जा रही आठ गोमाता की सेवा हाथ में लेकर अकाल के समय लाखों गोमाताओ को बचाने वाले एक शब्द ने अन्दर ऐसी आग जलाई कि सब के ह्रदय में गो सेवा की अलख जग गई ।

210 वें दिवस पर पथमेड़ा के संत मुकुंद जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में बताया की 2011 से प्रारंभ गो नवरात्रि महोत्सव प्रारंभ हुआ और 2o24 में मध्यप्रदेश की धरा पर स्थापित विश्व प्रथम गो अभयारण्य में पहली बार गो नवरात्रि महोत्सव का आयोजन हो रहा है।

*210 वें दिवस पर खेड़ीघाट से पूज्य संत छोटे सरकार “हुजुर” , स्वामी महेशानंद जी महाराजजी पुरी,ओम प्रकाश जी दण्डी स्वामी जी वाना आश्रम,पूज्य योगेश दास जी सुरभि शक्तिपीठ गांधीनगर गुजरात ,राजस्थान गोसेवा समिति के अध्यक्ष पूज्य महंत दिनेश गिरी जी महाराज,भजन सम्राट प्रकाशदास जी महाराज, मुकुंद प्रकाश जी महाराज, विठ्ठलकृष्ण जी महाराज,सहित अनेक पूज्य संतो का सानिध्य मिला साथ ही विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हुकुम चन्द सांवला,क्षेत्र गौसेवा प्रमुख सोहन विश्वकर्मा एवं मालवा प्रान्त गोसेवा महेन्द्र सिंह डोडिया सहित अनेक गोशालाओ के प्रतिनिधि उपस्थित रहें ।

विश्व के प्रथम गो अभयारण्य में विराजित भगवान मीरा माधव के पूर्ण गोव्रती छपनभोग श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के प्रधान संस्थापक एवं संरक्षक गो ऋषि पूज्य दत्तशणानंद जी महाराज, छोटे सरकार हुजूर सहित अनेक पूज्य संतो के सानिध्य में छपनभोग महाप्रसाद का भोग लगाया

*गो अभयारण्य में चल रहें एक वर्षीय वेद लक्षणा गो नवरात्रि महोत्सव के द्वितीय दिवस प्रभातफेरी एवं गो पूजन के साथ प्रारम्भ हुआ और प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक आयुर्वेद एवं पंचगव्य सम्मेलन पूज्य परमहंस प्रज्ञानानंद सरस्वती के पावन सानिध्य एवं श्री मेघराज जैन पूर्व गो संवर्धन बोर्ड अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद की अध्यक्षता में आयजित हुआ़ जिसमें मेवालाल पाटीदार गायत्रीधाम सेंधवा, वैद्य प्रज्ञान त्रिपाठी वरिष्ठ पंचगांव विशेषज्ञ उज्जैन, वैद्य राधिका माहेश्वरी, राकेश निहाल जोधपुर,,श्री सुधीर गोयल सेवाधाम उज्जैन,,श्री सुनील मानसिंहका सदस्य जीव जन्तु कल्याण बोर्ड गो विज्ञान अनुसंधान केन्द्र देवलापार एवं श्री जोराराम गो परिषद जोधपुर का मार्गदर्शन मिला ।

गोनवरात्रि के द्वितीय दिवस पर आयोजित गोभक्त एवं गो रक्षक सम्मेलन विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय। उपाध्यक्ष हुकुम चन्द जी सावला,राजस्थान गो सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष पूज्य महन्त दिनेश गिरी जी महाराज, क्षेत्र गो रक्षा प्रमुख सोहन विश्वकर्मा, गो शणानंद जी महाराज,बाल कृष्ण जी महाराज एवं गोसेवक लाल सिंह आदि वक्ताओंने गो रक्षा के लिए मालवा सहित सम्पूर्ण मध्यप्रदेश की गोमाता की सुरक्षा के लिए जुटना होगा और जिस प्रकार भारत की जनता में रामजन्म भूमि के लिए आंदोलन किया था उसी प्रकार भारत की गोमाता राष्ट्रमाता बने बने उसके लिए देश में आंदोलन खड़ा करने की आवश्यकता है ।

*210 वे दिवस पर चुनरीयात्रा राजस्थान से *
एक वर्षीय गोकृपा कथा के 210 वें दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान डूंगरपुर जिले की नीलकंठ गोशाला बिच्छीवाड़ा,बूंदी जिले के डाबी से युवराज राठौर,बंशीलाल राठौर,,यशपाल राठौर, सुरेश राठौर एवं झालावाड़ जिले की पिडावा तहसील के दाता ग्राम के सैकडों माता बहिने, युवा एवं पंच पटेल अपने सम्पूर्ण ग्राम,नगर की ओर से अपने गांव ,नगर,राज्य एवं देश के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।
चित्र 1 : गोकथा सुनाते स्वामी गोपालानंद सरस्वती।
चित्र 2 : गोकथा में उपस्थित गौभक्त।
चित्र 3,4 : गोकथा में गोमाता को चुनड़ ओढाते गोभक्त ।
चित्र 5,6 : चुनरी यात्रा में आए गोभक्तो को सम्मानित करते महोत्सव के कार्यकर्ता
चित्र 7 : गो पुष्टि पूजन करते गो भक्त ।
चित्र 8 : गोमाता के लिए चुनड़ लाते गोभक्त ।
चित्र 9: मीरा माधव सरकार के छपनभोग कार्यक्रम ।

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Author: jtvbharat