
बदनावर । राजेश चौहान।
समाज सेवा की उत्कृष्ट भावना के साथ, ज्ञानदीप मंडल ने शीत ऋतु के प्रारंभ में बदनावर तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंदों को गर्म ऊनी वस्त्र और कंबल वितरित कर मानवीय सेवा का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया। इस आयोजन में नगर के दानदाताओं और आमजन परिवारों से प्राप्त ऊनी वस्त्रों और सामग्री का उपयोग किया गया।
यह वितरण अभियान पुण्या पाड़ा, भाड़ा रुण्डी, प्रतापपुरा, नवा पाड़ा और डागरपाड़ा जैसे गांवों में आयोजित किया गया। ग्रामीणों तक इस सहायता को पहुंचाने के लिए मंडल ने प्रभावी योजना बनाई। सदस्यों ने विभिन्न साइज के ऊनी कपड़ों के पैकेट तैयार किए, जिनमें साल, स्वेटर, जैकेट, कार्डिगन, मफलर, टोपी और कोट शामिल थे। संबंधित गांवों में पहले से सूचना देकर ग्रामीण चौपालों पर जरूरतमंदों को एकत्रित किया गया, जहां उनकी आवश्यकताओं के अनुसार ऊनी वस्त्र और कंबल प्रदान किए गए।
दानदाताओं का विशेष योगदान
इस नेक कार्य में इंदौर के श्री जयेश गौतमलाल जैन (बुरहानपुर वाले) परिवार ने 100 नए कंबल प्रदान कर विशेष सहयोग दिया। इसके अतिरिक्त, मीड मालवा स्कूल के नवीन चौहान ने विद्यालय का वाहन उपलब्ध कराकर वितरण प्रक्रिया को सुगम बनाया, जिससे सामग्री आसानी से गांव-गांव तक पहुंचाई जा सकी।
सदस्यों और सहयोगियों की सक्रिय भागीदारी
मंडल के अध्यक्ष विजय बाफना के नेतृत्व में संयोजक मुकेश आर्य और सदस्यगण दिलीप सिंह चौहान, अर्जुन सिंह पंवार, अशोक लोढ़ा, विक्रम सिंह चौहान, जमील कुरैशी, हेमराज पंवार, राजेश्वर त्रिवेदी, चेतन्य रांका और पवन पाटोदी ने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में ग्रामीण क्षेत्र के रमेश मुनिया, श्रीमती रेखा मंडलोई, कैलाश राठौड़, महेश मकवाना और रामचंद्र रजक का सहयोग सराहनीय रहा।
समाज सेवा और जागरूकता का संदेश
इस अवसर पर मंडल के सदस्यों ने केवल वस्त्र वितरण तक सीमित न रहते हुए, उपस्थित ग्रामीण जनसमुदाय को नशा मुक्त जीवन जीने का आव्हान भी किया। उन्होंने लोगों से अपनी नकारात्मक आदतों को छोड़ने और स्वस्थ, सकारात्मक जीवन शैली अपनाने की प्रेरणा दी।
सफल प्रकल्प की सराहना
ज्ञानदीप मंडल का यह सेवा प्रकल्प अत्यंत सफल रहा। ग्रामीणों ने न केवल इस सहायता को सहर्ष स्वीकार किया, बल्कि इस प्रयास की सराहना भी की। इस आयोजन ने समाज में एक नई प्रेरणा का संचार किया और सेवा भाव के प्रति लोगों को जागरूक किया।
इस पहल ने यह सिद्ध किया कि जब समाज के विभिन्न वर्ग एकजुट होकर कार्य करते हैं, तो जरूरतमंदों की मदद करना न केवल संभव होता है, बल्कि यह मानवीय सेवा के आदर्श को भी साकार करता है।