
संजय जैन जिला ब्यूरो
झाबुआ 07 दिसम्बर, 2024:- कलेक्टर नेहा मीना के निर्देशानुसार एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी राघूसिंह बघेल के मार्गदर्शन में हम होंगे कामयाब अभियान अतंर्गत कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीडन (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोषण) अधिनियम 2013 पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में उप पुलिस अधीक्षक महिला सुरक्षा शाखा गिरीश कुमार जेजुरकर, जिला संयोजक जन जातीय कार्य विभाग श्रीमती अनामिका रामटेके, सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती वर्षा चौहान, वन स्टॉप सेंटर प्रशासक श्रीमती लीला परमार, ए. पी.सी. श्रीमती सीमा चौहान सहित विभिन्न विभागों से आंतरिक परिवाद समिति के अध्यक्ष व सदस्य शामिल रहे।
कार्यशाला में प्रशिक्षक ए.डी.पी.ओ श्रीमती मनीषा मुवेल द्वारा विस्तृत से अधिनियम के बारे में प्रकाश डाला गया। सहायक संचालक श्रीमती वर्षा चौहान द्वारा कार्यक्रम का उद्देंश्य बताते हुए बताया गया कि कलेक्टर नेहा मीना के निर्देशानुसार समस्त कार्यालय में महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण निर्माण हेतु कार्यालय में लैंगिक उत्पीड़न के प्रकरण के निराकरण के लिए आंतरिक परिवार समिति का गठन किया जाना अनिवार्य है, जिन भी कार्यालय में समिति का गठन नहीं किया गया है अथवा गठित समिति का कार्यकाल पूर्ण हो चुका है वे अनिवार्यतः समिति का गठन कर महिला बाल विकास के जिला कार्यालय में जानकारी भेजे। साथ ही उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्दे श्य महिलाओं को सम्मान व सुरक्षा प्रदान करना है ताकि हर क्षेत्र में महिलाए अपनी क्षमताएं दिखा सके।
उप पुलिस अधीक्षक गिरीश जेजुरकर द्वारा कहा गया कि यदि किसी भी महिला के विरुद्ध लैंगिक अपराध होता है तो तुरंत महिला उर्जा डेस्क पर सम्पर्क कर शिकायत दर्ज करा सकते है साथ ही महिला हेल्पलाईन नम्बर 181,100,1098, साईबर हेल्पलाईन नम्बर 1930 तथा आपातकालीन हेल्पलाईन नम्बर 112 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए कहा। जिला सहयोजक श्रीमती अनामिका रामटेके द्वारा बताया गया कि कई बार महिला कर्मी अपने साथ हुए लैंगिक उत्पीड़न के बारे में इस डर से शिकायत दर्ज नहीं करवाती है कि कार्यालय नियोक्ता कार्यालय के माहौल को ऐसा बना देता है कि जिससे कार्य करना मुश्किल हो जाए या महिला को रोजगार में नुकसान पहुंचे जो कि गलत है। यदि महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न की घटना होती है तो उन्हें आवाज उठाना चाहिए। सभी समिति को चाहिए कि अधिनियम के बारे में अपने कार्यालय में अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करे ताकि महिलाए अपने अधिकार जाने और आगे आए।
कार्यक्रम का संचालन जिम्मी निर्मल द्वारा किया गया एवं आभार परियोजना अधिकारी श्रीमती प्रियंका बुनकर द्वारा माना गया।