
ग्रामीण सड़क निर्माण में विभाग की लापरवाही
खेतिया-राजेश नाहर
खेतिया ,,,,प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत खेतिया से मलगांव सड़क का निर्माण किया जा रहा है ।खेतिया से मलगांव सड़क निर्माण हेतु हुए टेंडर के अनुरूप अन्य सड़कों के साथ पूर्व में सड़क का काम किसी एजेंसी द्वारा किया गया निर्धारित समय अवधि व अन्य अनियमितता के चलते निर्माण अधूरे रहा।
लगभग दो बारिश बाद अब अन्य एजेंसी द्वारा बचे हुए कार्य को करने के लिए हुए 29 जुलाई24 को स्वीकृत टेंडर के बाद अब निर्माण कार्य चालू हुआ है।जिसमे बचे कार्य मे 12 पुलियाओं का कार्य,नवीन डामरीकरण 0.68 किमी,डामरीकरण का उन्नयन कार्य 5.5किमी सहित अन्य कार्य होने है,योजना के सम्बंध में लगे सूचना पटल से यह जानकारी मिल रही है।जिसमे सरकार की मंशा अनुसार ही निर्माण कार्य को लेकर बने चित्रों अनुसार कार्य किया जाना दर्शाया है।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों में पूरी तरीके से लापरवाही बरती जा रही है, लगभग डेढ़ से दो वर्ष काम बंद रहने के बाद नई एजेंसी द्वारा काम लिया गया है जो सड़क निर्माण के साथ अपने करते हुए की इतिश्री करती दिखाई दे रही है। खेतिया से मलगांव के बीच पुलियाओं का निर्माण पहले की एजेंसी ने किया था जो अधूरा ही था, अधूरे निर्माण के वर्षा काल में क्षतिग्रस्त होने ,पुलियाओं में स्पस्ट दरारें होने के बाद भी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अधिकारियों द्वारा इस संबंध में कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है ।सड़क निर्माण कार्य के चलते दरारें पड़ गयी पुलिया पर डामरीकरण का कार्य किया जा रहा, निर्माण कार्य के दौरान कोई अधिकारी भी यहां नही।
निर्माण एजेंसी व प्रधानमंत्रीग्रामीण सड़क योजना के अधिकारियों की मिली भगत के चलते सड़क निर्माण को लक्ष्य बनाकर आर्थिकअनियमितता हेतु कार्य कर रहे । प्रधानमंत्री सडक योजना के प्रभारी राहुल शर्मा से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कहा दिखवाता हु ओर फ़ोन बन्द कर लिया।ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में सड़कों का योगदान महत्वपूर्ण होता है किंतु अधिकारियों की लापरवाही के चलते क्षतिग्रस्त पुलियाओं पर डामरीकरण करवा कर मनमानी की जारही है,ग्रामीण क्षेत्रों केप्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की परिकल्पना से गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने का काम होता है किंतु यहां लापरवाही के चलते शायद यह पहलअधूरी ही रहे क्षेत्र के नागरिकों ने तत्काल दुरुस्त निर्माण कार्य कराए जाने की मांग की है।