
बड़ी खट्टाली:- संस्कार से परिवार में देवी एवं देवता जैसे बेटा बेटी का जन्म होता है। यह बात फूल सिंह नरगिस द्वारा बताई गई हमें देवी एवम् देवता जैसे बेटा बेटी चाहिए तो गर्भस्थ माता का गर्भ संस्कार करवाना चाहिए,इस समय माता को अपने भोजन , सयन,व्यायाम का ध्यान रखना चाहिए, अच्छा अच्छा साहित्य पढ़ना चाहिए, अच्छे-अच्छे फोटो देखना चाहिए,जिससे गर्भ में पल रहे बेटा ,बेटी,में अच्छे संस्कार आते हैं एवं बेटा ,बेटी देवी एवम् देवता जैसे जन्म लेते है ,यह बात ग्राम बड़ी खट्टाली में दिनांक 4 एवं 5 जनवरी 2025 को दो दिवसीय पंच कुंडिय गायत्री महायज्ञ कार्यक्रम के अंतर्गत,15 बहनों के पुसंस्वन संस्कार के समय गायत्री प्रज्ञापीठ गंधवानी से आए वक्ता फूलसिंह नर्गेस ने अपने उद्बोधन में कही । टोली नायक प्रकाश चौहान ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान में बहनों में फैशन और भाइयों में दूर्यवेशन बहुत तेजी से बढ़ रहा है, भाई बहन पाश्चात्य संस्कृति अपना रहे हैं, जिससे घर में लड़ाई झगड़ा एवं ग्रह कलेश बढ़ रहा है, यहां तक की माता-पिता को वृद्ध आश्रम तक जाना पड़ रहा है, हमें दूर्यवेसन और फैशन को छोड़कर अच्छा जीवन जीना चाहिए क्योंकि हम सनातनी धर्म के है , बच्चों को जय गुरुदेव, जय माता जी, जय श्रीकृष्णा ,चरण स्पर्श करना सीखाना चाहिए ,न की बाय ,टाटा हमे माता पिता का हमेशा सम्मान करना चाहिए, टोली के साथी विजय सिंह सोलंकी ने कार्यक्रम में एक से बढ़कर एक प्रज्ञा गीत की प्रस्तुति दी, ढोलक मास्टर विजय ने अपनी ढोलक बजाकर दर्शकों का मन मोह लिया, दो दिवसीय कार्यक्रम में प्रथम दिवस भव्य कलश यात्रा शाम को दीप यज्ञ एवं जीवन जीने की कला तथा शिक्षाप्रद उद्बोधन दिया गया, द्वितीय दिवस में पंच कुंडी गायत्री महायज्ञ एवं विभिन्न संस्कार करवाए गए, कार्यक्रम में नगर के भाई बहनों ने एक माह से घर-घर संपर्क कर कार्यक्रम को सफल बनाया, कार्यक्रम में विशेष सहयोग गायत्री शक्तिपीठ जोबट की बहन केसर राठौड़, पुष्पा राठौड़, सरोज राठौड़, राधा राठौड़, सारिका सक्सेना ने किया, कार्यक्रम में विशेष सहयोग करने वाले समस्त भाई बहनों का तिलक, पुष्प हार, श्रीफल से सम्मान किया गया ,संचालन गोवर्धन राठौड़ ने किया, आभार घनश्याम राठौड़ ने माना