श्रीमान जी आब में ईश्वर की शरण में जाना चाहता हूं

एक सप्ताह के अंदर मुझे पेंशन का भुगतान नहीं किया गया तो मैं मेरी पत्नी सहित कृषि उपज मंडी समिति कसरावद के मुख्य द्वार पर जब तक भूखा बेटा रहूंगा जब तक की मेरे प्राण निकल नहीं जाते

रविन्द्र खाण्डेकर

कसरावद- अपनी ही पेंशन के लिए मजबूरन विकलांग होने के बाद भी भटकता हुआ जिवराज गांगले पिता तिरमक गांगले उम्र 67 वर्ष जाति बलाई निवास कसरावद सेवानिवृत्त भृत्य कृषि उपज मंडी कसरावद को सचिव कृषि उपज मंडी कसरावद के द्वारा
दिनांक 30/04/2020 को आदेश देकर 62 वर्ष की उम्र होने पर सेवानिवृत्त किया गया था।
रिटायरमेंट जिवराज गांगले ने क्या कुछ कहा सुने उनकी जुबानी मैने अपने 31 वर्ष के कार्यकाल में पूर्ण निष्ठा एवं लगन से अपने कर्त्तवयो का पालन किया मेरे द्वारा सेवानिवृत्त होने पर पेंशन की मांग की किन्तु तात्कालिन मंडी सचिव के द्वारा मुझे पेंशन प्रकरण बनाने से इन्कार कर दिया। मेरे द्वारा माननीय मुख्यमंत्री के निवास पर जाकर अपनी पिडा बताई उनके द्वारा मुझे प्रबंध संचालक महोदय मंडी बोर्ड भोपाल के पास भेजा संचालक महोदय मंडी बोर्ड भोपाल के द्वारा पत्र क्रमांक / मंडी कार्मिक / बी 1/20 09/पार्ट – 2/2898 भोपाल दिनांक 22/09/2020
के माध्यम से संयुक्त संचालक मंडी बोर्ड इन्दौर एवं सचिव कृषि उपज मंडी कसरावद को पेंशन
प्रकरण बनाने के आदेश दिये। किन्तु मंडी अधिकारियों द्वारा उनके आदेश का भी पालन नही किया गया। प्रबंध संचालक महोदय का पत्र संलग्न है। मजबुर होकर मेरे द्वारा माननीय उच्च न्यायालय इन्दौर की शरण ली गई एवं कृषि उपज
मंडी समीती कसरावद के खिलाफ केश लगाया माननीय उच्च न्यायालय इन्दौर के द्वारा दिनांक
28/07/2023 को मेरे पक्ष फैसला देते हुए 90 दिन में पेंशन एवं अन्य बकाया राशी भुगतान करने के आदेश सचिव कृषि उपज मंडी समीति कसरावद को दिये गये किन्तु माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का पालन नही करते हुए मंडी समिति द्वारा दोबार रिट याचिका हाई कोर्ट इन्दौर में लगाई
गई। 29/02/2024 को माननीय उच्च न्यायालय इन्दौर के द्वारा मंडी समिति की याचिका खारीज करते हुए पुनः जीवराज गांगले को पेंशन एवं अन्य बकाया राशि भुगतान करने के आदेश सचिव कृषि उपज मंडी समिति कसरावद को दिए किंतु उसके बावजूद भी मुझे पेंशन का भुगतान नहीं किया गया में शारीरीक रूप से पैर, एक हाथ एवं चेहरे से विगलांग हुँ वर्तमान में मेरा पैर पुरी तरह सुज चुका है मै कही पर भी मजदूरी करने योग्य नही हूँ ऐसी स्थिति में अपनी पत्नि का भरण पोषण करने में असमर्थ हूँ। मेरी पत्नी भी आंखों से विकलांग है।
मै अपनी पिड़ा लेकर एस.डी.एम. महोदय कसरावद के पास गया जिलाधिश महोदय खरगोन के पास गया उपसंचालक महोदय मंडी बोर्ड इन्दौर के पास गया
माननीय मुख्यमंत्री महोदय भोपाल के पास गया प्रबंध संचालक महोदय मंडी बोर्ड भोपाल के पास गया अन्त में माननीय उच्च न्यायालय इन्दौर के शरण में गया किन्तु मेरे मंडी अधिकारी किसी की भी बात मानने के लिए तैयार नही है। अब मैं पूरी तरह थक चुका हूं अब मैं ईश्वर की शरण में जाना चाहता
हूँ एक सप्ताह के अन्दर मुझे पेंशन का भुगतान
नही किया गया तो मैं मेरी पत्नि सहीत कृषि उपज
मंडी समिति कसरावद के मुख्य द्वार पर जब तक
भुखा बैठा रहुगाँ जब तक की मेरे प्राण नही निकल
जाते। मेरी एवं मेरी पत्नि की मुत्यु उपरान्त मेरे रिटायरमेन्ट से लेकर आज दिनांक तक जीतने भी मेरे कसरावद से लेकर भोपाल तक पदस्थ अधिकारीयो को मेरी मृत्यु का जवाबदार मानते हुए
इनपर इरादतन मेरी मृत्यु का प्रकरण दर्ज करने की कृपा करे।

इनका कहना है

उनकी समस्या का निराकरण हेतु संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया गया है।
एसडीएम सत्येंद्र बैरवा कसरावद

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निराश्रित फंड के कर्मचारी है। जिवराज गैंगले का कोर्ट में कैस चल रहा है। वकील से जानकारी लेकर समझता हूं
आप सिंह किराड़े मंडी सचिव कसरावद

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Author: jtvbharat