
जेल प्रहरियों को मसाज का लालच देकर रतलाम से भागा था
डेस्क
उज्जैन:- खाचरौद उपजेल में बंद लूट का आरोपी रोहित शर्मा जयपुर की एक होटल से पत्नी सुनीता के साथ गिरफ्तार हुआ। यह ग्वालियर का रहने वाला है। जेल प्रहरियों को मसाज का लालच देकर वह 28 जनवरी को रतलाम के एक स्पॉ सेंटर ले गया था। वहीं से चकमा देकर फरार हो गया था
पुलिस ने उसकी पत्नी सुनीता शर्मा के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया है।
खाचरौद थाना प्रभारी धनसिंह नलवाया ने बताया कि रोहित शर्मा ने नागदा में प्रकाशनगर स्थित शिवा बाबा कंपनी की शराब दुकान पर 25 दिसंबर 2024 को ग्वालियर के कौशल गुर्जर सहित 5 आरोपियों के साथ 18 लाख रुपए की लूट की थी। मंडी थाना पुलिस ने 30 दिसंबर को लूट में शामिल आकाश जाटव, राहुल, संत्री और रोहित शर्मा को गिरफ्तार किया था। कोर्ट के आदेश पर इन चारों आरोपियों को 5 जनवरी 2025 को उपजेल खाचरौद भेजा गया था।
थाना प्रभारी ने बताया कि रोहित के पैर में चोट लगी हुई थी। उसका कहना था कि तकलीफ ज्यादा हो रही है। मुझसे चलते नहीं बन रहा है। मुख्य जेल प्रहरी राजेश और प्रहरी नितिन 28 जनवरी 2025 को सुबह 11 बजे खाचरौद सरकारी अस्पताल लेकर रवाना हुए थे। जहां उपचार के बाद लगभग 12 से 12.30 बजे के बाद अस्पताल से रवाना हो गए थे।
थाना प्रभारी के अनुसार शाम 6.05 बजे मुख्य जेल प्रहरी ने रोहित के फरार होने की सूचना दी। जब जेल प्रहरियों से अस्पताल से निकलने के बाद आरोपी के साथ कहां थे, आरोपी किस तरह भागा, समय पर सूचना क्यों नहीं दी गई, इन सवालों की जानकारी ली गई तो वह उचित जवाब नहीं दे पाए। उसी समय आशंका हो गई थी कि मामला कुछ गड़बड़ है। इसलिए इस मामले की जांच सहायक जेलर को दे दी गई। उन्होंने ही दोनों प्रहरियों से पूछताछ की।
सहायक जेल अधीक्षक एसएस राणावत ने जब पूछताछ की तब बताया गया कि उसे रतलाम स्पॉ सेंटर ले जाया गया था। पुलिस का एक दल स्पॉ सेंटर भेजा गया लेकिन वह फरार हो चुका था।
जब पूरे मामले की जांच हुई तब पता चला कि रोहित ने जेल प्रहरियों को मसाज का लालच दिया था। इसी लालच में वह उसे रतलाम ले गए। वहीं से वह दोनों को चकमा देकर फरार हो गया।
दोनों जेल प्रहरी सस्पेंड
रतलाम जेल अधीक्षक लक्ष्मण सिंह भदौरिया ने बताया कि दोनों जेल प्रहरियों को सस्पेंड कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। रोहित 10 फरवरी को गिरफ्तार हुआ था। तीन दिन के रिमांड पर लिया गया था। गुरुवार को उसे पुन: न्यायालय में पेश किया गया।