
दुकानों से होने वाली आय की भरपाई के लिए सरकार ने संबंधित जिलों की अन्य शराब दुकानों के लाइसेंस शुल्क में 25% तक की वृद्धि की है।
डेस्क
भोपाल:- मध्य प्रदेश सरकार ने 19 पवित्र शहरों और गांवों में शराब दुकानों को 1 अप्रैल से बंद करने का निर्णय लिया है। इन दुकानों से होने वाली आय की भरपाई के लिए सरकार ने संबंधित जिलों की अन्य शराब दुकानों के लाइसेंस शुल्क में 25% तक की वृद्धि की है। साथ ही, आबकारी विभाग ने शराब की बिक्री के लिए पॉइंट ऑफ सेल (POS) मशीनों के उपयोग को अनिवार्य कर दिया है।
रेस्तरां और कमर्शियल आयोजनों के लिए नए प्रावधान
रेस्तरां में ओपन एरिया में शराब बेचने के लिए फ्लोर एरिया बढ़ाने की अनुमति दी गई है।
कमर्शियल आयोजनों के लिए लाइसेंस शुल्क व्यक्तियों की संख्या के आधार पर तय किया गया है।
500 व्यक्तियों के लिए: 25,000 रुपए
1,000 व्यक्तियों के लिए: 50,000 रुपए
2,000 व्यक्तियों के लिए: 75,000 रुपए
5,000 व्यक्तियों के लिए: 1 लाख रुपए
5,000 से अधिक व्यक्तियों के लिए: 2 लाख रुपए
ई-बैंक गारंटी की अनिवार्यता
1 अप्रैल से लागू होने वाली नई आबकारी नीति के तहत शराब दुकानों के लिए लाइसेंस लेने वाले ठेकेदारों को केवल ई-बैंक गारंटी ही प्रदान की जाएगी। इसकी वैधता 30 अप्रैल 2026 तक होगी। एफडी को अब स्वीकार नहीं किया जाएगा और पहले से जमा एफडी का नवीनीकरण भी नहीं होगा। ई-बैंक गारंटी का उपयोग केवल संबंधित ठेके के लिए ही किया जा सकेगा।
पवित्र शहरों और गांवों के लिए विशेष प्रावधान
बंद की जाने वाली शराब दुकानों के वार्षिक मूल्य की भरपाई के लिए नए फॉर्मूले के तहत शेष दुकानों के रिजर्व मूल्य की गणना की जाएगी। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी दुकान का वार्षिक मूल्य 10 करोड़ रुपए है, तो 20% वृद्धि करके उसका अंतरिम रिजर्व मूल्य 14.50 करोड़ रुपए होगा।
दुकानों को शिफ्ट नहीं किया जाएगा
13 नगरीय निकायों और 6 ग्राम पंचायतों में शराब दुकानों का संचालन 1 अप्रैल से बंद कर दिया जाएगा।
इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के बार और वाइन आउटलेट के लाइसेंस 1 अप्रैल 2025 से नहीं दिए जाएंगे।
इन दुकानों को कहीं और शिफ्ट भी नहीं किया जाएगा।
POS मशीन और एक्साइज लेवल की अनिवार्यता
सभी शराब दुकानों पर POS मशीन लगाना अनिवार्य होगा।
शराब की बोतल पर लगे एक्साइज एडहेसिव लेवल को स्कैन करके ही बिलिंग और बिक्री की जाएगी।
नियमों का उल्लंघन करने पर पहली बार 25,000 रुपए और उसके बाद हर जांच में 5,000 रुपए प्रति केस के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा।
ओपन एरिया में शराब बेचने का दायरा बढ़ा
रेस्तरां बार लाइसेंस धारक अब अपने डाइनिंग एरिया के अलावा एक्स्ट्रा फ्लोर और खुली छत पर भी शराब बेच सकेंगे।
एक्स्ट्रा फ्लोर के लिए 500 वर्गफीट का एरिया और 10% अतिरिक्त लाइसेंस शुल्क देना होगा।
इन स्थानों पर बंद होंगी शराब दुकानें
उज्जैन नगर निगम
ओंकारेश्वर नगर पंचायत
महेश्वर नगर पंचायत
मंडलेश्वर नगर पंचायत
ओरछा नगर पंचायत
मैहर नगर पालिका
चित्रकूट नगर पंचायत
दतिया नगर पालिका
पन्ना नगर पालिका
मंडला नगर पालिका
मुलताई नगर पालिका
मंदसौर नगर पालिका
अमरकंटक नगर पंचायत
सलकनपुर ग्राम पंचायत
बरमान कला ग्राम पंचायत
लिंगा ग्राम पंचायत
बरमान खुर्द ग्राम पंचायत
कुंडलपुर ग्राम पंचायत
बांदकपुर ग्राम पंचायत