
मुख्यमंत्री ने नर्मदा नदी के किनारे सभी धार्मिक शहरों में शराब और मांस की दुकानें बंद करने और इनके सेवन पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दे रखे
संजय राठौड़ जिला ब्यूरो
अलीराजपुर:- अलीराजपुर जिले से लगी गुजरात राज्य जहां शराब बंदी लागू है वहा सड़क मार्ग से हो रही करोड़ों की तस्करी जिसको रोकने के लिए ओर कड़ी कार्यवाही के निर्देश प्रदेश के मुखिया डॉ मोहन यादव ने दिए है जिसका आंशिक असर अलीराजपुर जिले में विगत दो दिनों में देखने को मिला जब आबकारी ओर पुलिस विभाग ने अवैध शराब परिवहन की तीन गाड़ियों सहित लाखो की शराब पकड़ी है। जिले में पुलिस अधीक्षक राकेश व्यास जिनकी एक ईमानदार और सख्त कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में पहचान है और श्री व्यास हर वक्त अपराध के प्रति सजग रहते हुए गंभीरता से अपराधियों तक पहुंचने का माद्दा रखते है और कई बड़े बड़े अपराधों का खुलासा भी किया है। जिले की हर चौकी और थाना मुस्तैदी से कर्तव्य निर्वहन करने में लगा है जिसके चलते अपराधों के ग्राफ में कमी आई तो वहीं अवैध शराब माफियाओं में खासकर गौवंश तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है।
पुलिस की सख्ती के कारण धार ओर अन्य जिलों और राज्यों से लाई जा रही अवैध शराब को गुजरात राज्य ओर अलीराजपुर जिले में खपाने के लिए कुछ सड़क मार्ग के साथ साथ अब अधिकतर नर्मदा नदी ओर उसके पास के ग्रामीण रास्तों का उपयोग करने लगे है।
अवैध शराब परिवहन करने ओर गुजरात राज्य में शराब भेजने वाले ओर महाराष्ट्र राज्य में कत्ल खानों में कटने के लिए गाय बैल इत्यादि को निसरपुर डूब क्षेत्र वाले रोड से नर्मदा नदी के किनारे ग्रामीण क्षेत्रों में लेकर जाते है ।
गाय बैल इत्यादि जानवरों की तस्करी वाले रात के अंधेरे में नदी मार्ग से वोट के सहारे जानवरों को महाराष्ट्र की सीमा में प्रवेश करवाते है।
राजघाट और अन्य जगहों से अवैध शराब नदी मार्ग से वोट के जरिए अलीराजपुर जिले की सीमा में लाई जाकर संसाधनों के जरिए गुजरात ओर अलीराजपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाय कर रहे है।
धार इत्यादि जिलों और अन्य राज्यों से परिवहन कर लाई जा रही अवैध शराब निसरपुर डूब क्षेत्र से ग्रामीण क्षेत्रों से होकर अलीराजपुर जिले के छकतला बखतगढ़ ककराना में लाई जाकर यहां से वाहनों के माध्यम से गुजरात में निकासी की जाती है।
बड़वानी जिले के राजघाट के पास पूरे नर्मदा तटों पर साधु संत अपने आश्रमों में रहते हैं और भागवत नाम लेते हैं लेकिन शराबी तत्वों के द्वारा आए दिन शराब पीकर वाहन पर जाकर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। उन्हें हैरान परेशान किया जाता है साधु संत अपनी आवाज शासन प्रशासन तक पहुंचा रहा है कि उनकी सुरक्षा भी की जाए और अवैध शराब ओर गौवंश की महाराष्ट्र हो रही तस्करी को रोका जाए
आपको बतादे की
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने शनिवार (14 सितंबर, 2024) को अधिकारियों को राज्य भर में नर्मदा नदी के किनारे सभी धार्मिक शहरों में शराब और मांस की दुकानें बंद करने और इनके सेवन पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया
यह निर्णय नदी की स्वच्छता और इसके प्रवाह को बरकरार रखने के लिए विकास कार्य योजना की देखरेख के लिए गठित कैबिनेट समिति की बैठक में लिया गया। श्री यादव ने बैठक की अध्यक्षता की थी।
मध्य प्रदेश के अमरकंटक से निकलने वाली नर्मदा नदी को हिंदुओं द्वारा एक पवित्र नदी माना जाता है और इसके मार्ग में कई प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हैं।
“मुझे पूरा विश्वास है कि सरकार के सभी विभाग समन्वित तरीके से काम करेंगे और माँ नर्मदा के स्वरूप और पवित्रता को बनाए रखेंगे। हमारा प्रयास धार्मिक नगरों के आसपास मांस और मदिरा पर प्रतिबंध लगाने का होगा।
उन्होंने कहा कि नदी की पवित्रता बनाए रखने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने दिन में पहले एक वीडियो संदेश में कहा, “यह एक दिन की प्रक्रिया नहीं है; यह लगातार चलने वाली प्रक्रिया है।”
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सैटेलाइट इमेजरी और ड्रोन के माध्यम से नर्मदा के आसपास की गतिविधियों की निगरानी करें।
आज शनिवार 15 फरवरी को हमारे प्रतिनिधि ने नर्मदा किनारे रह रहे साधु संत से चर्चा की तो जानकारी में एक नई बात सामने आई है कि नर्मदा मैया के जल पर नावों और वोटो के द्वारा गोवंश और शराब की तस्करी की जा रही है उसे भी रोका जाए क्योंकि रात के अंधेरे में असामाजिक तत्वों के द्वारा इस प्रकार से अंधाधुन तस्करी की जा रही है और नर्मदा के तटीय क्षेत्रों में गांव-गांव पर उतर कर गोवंश को काटने के लिए महाराष्ट्र पहुंचा जा रहा है और महाराष्ट्र और एमपी की दारू नर्मदा के माध्यम से छोटे-छोटे गांव में पहुंचाई जा रही है यह काफी चिंतनीय बात है कि प्रशासन रोड पर तो सख्त है लेकिन नर्मदा की ओर किसी का ध्यान नहीं है प्रशासन को चाहिए की नर्मदा की जलधारा में जो नाव और बड़ी-बड़ी वोटो में दारू और गोवंश का अवैध परिवहन हो रहा है उसे रोका जाए जिससे कि गोवंश को बचाए।
इसी को आधार लेकर हमारे द्वारा समाचार तैयार किया जाकर शासन प्रशासन को संज्ञान में लाया जा रहा है कि नर्मदा नदी से हो रही शराब ओर गौवंश की अवैध रूप से तस्करी करने वाले तस्करों ओर शराब माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने हेतु संबंधित विभाग के अधिकारियों/ कर्मचारियों को आदेशित निर्देशित कर नर्मदा नदी मार्ग से हो रही अवैध तस्करी पर अंकुश लगाए।