
कैंडल मार्च निकालकर बैरसिया तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन….
संतोष शर्मा बैरसिया–बिहार की बेटी स्नेहा सिंह कुशवाहा की संदिग्ध मौत को लेकर न्याय की मांग तेज हो गई है। प्रांतीय कुशवाहा समाज मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष योगेश मानसिंह कुशवाहा के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने बैरसिया में कैंडल मार्च निकालकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। यह मार्च रेंज चौराहा से बस स्टैंड चौराहा तक निकाला गया, जिसमें समाज के लोगों ने स्नेहा के लिए निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा दिलाने की मांग की।
क्या है मामला?..
बिहार के रोहतास जिले की निवासी स्नेहा सिंह कुशवाहा वाराणसी उत्तरप्रदेश के रामेश्वरम गर्ल्स हॉस्टल में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। 1 फरवरी 2025 को उनका शव हॉस्टल के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया। परिजनों ने इसे हत्या करार दिया है, जबकि पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है। हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस ने परिवार की सहमति के बिना ही अंतिम संस्कार कर दिया, जिससे पूरे समाज में आक्रोश फैल गया।
न्याय के लिए सड़कों पर उतरा समाज….
इस घटना के विरोध में हाजीपुर, सीतामढ़ी और कई अन्य स्थानों पर कैंडल मार्च और प्रदर्शन हो रहे हैं। समाज के लोग सीबीआई या किसी रिटायर्ड न्यायाधीश की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि स्नेहा को न्याय मिल सके और दोषियों को सजा दी जा सके।
नेताओं की प्रतिक्रिया..
पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने स्नेहा के परिवार से मुलाकात कर उनका समर्थन किया और उत्तर प्रदेश सरकार से निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
जनता की आवाज़ – कब मिलेगा न्याय?…
- स्नेहा की संदिग्ध मौत ने सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर उबाल ला दिया है। हर तरफ से न्याय की मांग उठ रही है, लेकिन प्रशासन अभी तक कोई ठोस कदम उठाने में नाकाम रहा है। क्या यूपी प्रशासन इस गंभीर मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करेगा या यह भी एक अनसुलझी गुत्थी बनकर रह जाएगा?