परस्पर समझाइश व आपसी समन्वय से किए गए समझोतो से वैमनस्य कम होता है- न्यायाधीश अजय उइके,लोक अदालत सम्पन्न

राजेश नाहर,
खेतिया:- न्यायालय परिसर खेतिया में विधिक सेवा प्राधिकरण ,जिला व सत्र न्यायाधीश महेंद्र जैन के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर न्यायाधीश अजय उइके ने उपस्थित पक्षकारों के समक्ष लोक अदालत का महत्व बताते हुए कहा कि लोक अदालत में आपसी समन्वय से होने वाले समझौते से वैमनस्यता समाप्त होती है वहीं परस्पर एक साथ रहकर आगे बढ़ाने के अवसर भी बढ़ते है।न्यायालय परिसर खेतिया में न्यायाधीश उइके ने उपस्थित अभिभाषकों मनोज वर्मा,कपिल शाह,संजय पंडित,सचिन मोरे, शेख जमील,शिखा गोरे, कोमल सोनी,मनीष आशर्मा,संजय पटेल मुख्य नपअधिकारी ईस्वर महाले,समाजसेवी राजेश नाहर,समस्त बैंक शाखाओं व न्यायालयीन कर्मचारियों एवं बड़ी संख्या में उपस्थित पक्षकारों की उपस्थिति में मां सरस्वती व महात्मा गांधी के चित्र का पूजन अर्चन कर किया खेतिया में संपन्न हुई लोक अदालत में 6प्रकरणों का निराकरण करते हुए 13पक्षकारों को लाभ मिला है प्रकरणों के निराकरण के साथ कुल रकम₹-1355000/-का निराकृत की गई।बैंक,नप व राजस्व के 124 प्रकरणों का निराकरण 2849875 की राशि वसूली गयी जिससे 235 लोग लाभान्वित हुए।न्यायाधीश उइके स्वयं पक्षकारों से चर्चा कर परस्पर सहमति से प्रकरणों के निराकरण हेतु सक्रिय रहे जिसमे स्थानीय अभिभाषकों व समाजसेवियों का सहयोग बना रहा।आज संपन्न लोक अदालत में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर न्यायाधीश उइके ने महिला सम्बन्धी कानूनों की जानकारी देते हुए आयी सभी महिलाओं को पौधे भेंट कर सम्मानित किया।

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Author: jtvbharat