
अपर संचालक लोक शिक्षण के पत्र का बनाया जा रहा है मज़ाक
रविन्द्र खाण्डेकर
कसरावद – मध्यप्रदेश में डबल इंजन की सरकार में शिक्षा विभाग भी अब जातिवादी मानसिकता से पीछे नहीं रहा है, यूपी जैसे हालात अब मध्यप्रदेश में भी कही न कही देखने को अब मिल रहे हैं, जिले के कसरावद विकासखंड के बामंदी स्कूल में दिन के उजाले में ही शिक्षा के मंदिर में एक शिक्षक ने निजी स्कूल के छात्र को बंधक बना कर मारपीट की गई थी, बंधक बनाकर शिक्षक ने पाइप से मारपीट कर के अपनी जातिवादी मानसिकता का परिचय दिया है। जबकि अगर छात्र ने कुछ गलती की थी तो उसे बंधक बना कर पीटने का आखिर किसने अधिकार दिया है…?
क्या शिक्षक ही अब न्याय के देवता बन गए हैं…
इतनी बड़ी घटना के बाद शिक्षा विभाग के महकमे पर भी कई सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं….शिक्षा अधिकारी क्या इस मामले से है अभिज्ञ…. शोशल मिडिया पर भी देरी से रिपोर्ट लिखी जाने व क्रास रिपोर्ट होने पर यह कैसा न्याय है, जैसी टिप्पणी होने से पुलिस पर भी सवाल खड़े किए है….
फरियादी ने शनिवार को एसपी कार्यालय में आवेदन देते हुए बताया कि पुलिस ने राजनेतिक दबाव में आकर मेरी रिपोर्ट नही लिखी और मुझे देर रात तक बिठाकर रखा गया, और मेरे द्वारा उच्च अधिकारियों को इसकी शिकायत करने का कहने पर दूसरे दिन मेरी रिपोर्ट दर्ज की गई थी। शिक्षक ने हितब्ध होकर मेरे और मेरे पुत्र के खिलाफ झुटी रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पिता ने बताया कि मेरे पुत्र के परीक्षा कक्ष से बालिकाओं की बाधरूम बहुत दूर है, बालिकाओं की बाधरूम शिक्षको के कार्यालय से स्पष्ट दिखाई देता है तो बालक केसे वहा प्रवेश कर गया..?
यह भी शिक्षको की लापरवाही को दर्शाता हैं।
जब शिक्षा के मंदिर में इसी घटना होती है तो सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं……
अब देखना लाजमी होगा कि पुलिस प्रशासन और शिक्षा विभाग इस मामले में क्या करते हैं…
खेर नाबालिक छात्र के पिता ने पुलिस अधीक्षक से मामले की जांच की जाकर झूठी रिपोर्ट का खात्मा करने की मांग की हैं।