
नारायणगंज/मंडला
मंडला/नारायणगंज – चैत पंचमी के अंधियारी पक्ष में धूर पंचमी (सृष्टि दिवस) के रूप में गोंडी धर्म संस्कृति संरक्षण समिति जिला जबलपुर व गोंडवाना सामाजिक उत्थान समिति युवा प्रभाग/ महिला प्रभाग जिला जबलपुर द्वारा गुरु दादा महाकाल दुर्गे भगत जगत सिदार जी एवं गुरु माता दाई दुर्गे दुलेश्वरी जी के सानिध्य व गुरुदेव दिलीप सैयाम प्रदेश संरक्षक के मार्गदर्शन में कार्यक्रम मदन सिंह सैयाम जिला सचिव समिति के अध्यक्षता में प्रथम वर्ष का आयोजन मंडी प्रांगण के पास कुंडम में भव्यता से किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि इंजीनियर भूपेंद्र वरकड़े जिला पंचायत सदस्य व सभापति मंडला, पूर्व अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष जनपद पंचायत एवं संयोजक गोंड़ी धर्म संस्कृति संरक्षण समिति मंडला द्वारा मंचीय उद्बोधन में अपने विचार रखते हुए कहा कि धूरपंचमी (सृष्टि दिवस ) के अवसर पर विगत 18 वर्षों से मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ की धरती पर अलग अलग स्थानों में आयोजन के माध्यम से गोंडी धर्म संस्कृति संरक्षण समिति के मंच द्वारा गुरुददा के सानिध्य में प्रकृति दर्शन व गुरु दर्शन को आत्मसात कर प्राकृतिक रूप से परसा फूलों से बने प्राकृतिक रंग से धूरपंचमी मानकर प्रकृति संरक्षण का संदेश पूरे समाज व देशवासियों को देते हैं।
प्रकृति आधारित ही हमारी संस्कृति जीवन शैली और तीज त्यौहार हैं प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन हमारी आस्थाओं व खुशियों से बढ़कर है, प्रकृति दर्शन को दुनिया के हर व्यक्ति को जानना समझना और मानना चाहिए चाहिए वह किसी भी वर्ग संप्रदाय अथवा पंथ में अपना विश्वास रखता हो।
हमारी खुशी, मान्यताओं, व्यवहार व क्रियाकलापों से किसी भी कीमत पर प्रकृति को नुकसान न पहुंचे इस बात का संदेश हमारी भावी पीढ़ी को देना चाहिए यह हमारी सामाजिक नैतिक व वैश्विक जिम्मेदारी भी है।
मंच के माध्यम से मैं अपने सगा समाज के सभी वर्ग जनों से कहना चाहूंगा कि हर वर्ग पंथ समुदाय में जन्म विवाह मरण संस्कारों का अपना महत्व होता है वैसे ही हमें भी हमारे पुरखों द्वारा शोधपूर्ण व तार्किक दृष्टिकोण से बनाए गए प्रकृति संवत नेंग दस्तूर नियम प्रक्रियाओं व पारंपरिक परंपराओं का पालन इन तीनों संस्कारों में करना चाहिए। क्योंकि यह हमारी मूल पहचान व अस्तित्व के साथ-साथ पूरे विश्व के पटल में स्थायित्व प्रदान करता है।
अंत में इतना ही कि माता-पिता, गुरु और समाज का ऋण हम जन्मों जन्म लेकर भी नहीं चुका सकते, इनके प्रति हमें कृतज्ञ रहकर जीवन पर्यंत निस्वार्थ समर्पण होना चाहिए और निस्वार्थ सेवा करनी चाहिए, जिससे एक सुंदर समाज और बेहतर दुनिया का निर्माण हम सब मिलकर कर सकें ।
वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित प्रदेश महासचिव संजय मरकाम द्वारा कार्यक्रम बिंदुओं को विधिवत रीति नीति अनुसार संपन्न कराया गया। आमंत्रित अतिथि लोक सिंह मरकाम प्रदेश सलाहकार, राजकुमार कुशराम जिला अध्यक्ष डिंडोरी, वीरेंद्र मरकाम जिला अध्यक्ष कटनी, शारदा आहके जिला उपाध्यक्ष शिवनी, धीरा सिंह मरावी जिला उपाध्यक्ष मंडला, धन्नी परस्ते जिला मीडिया प्रभारी मंडला,झम्मू सिंह मरकाम जिला कोषाध्यक्ष मंडला , रमेश परस्ते जिला अध्यक्ष उमरिया, इंद्रसिंह इन्वाती गोटेगांव,सुरेन्द्र इन्वाती,राकेश इनवाती,प्रदेश परते, रमई वरकड़े रामादाई कर्मा नृतक दल मुखिया, मुन्ना मरावी, हरनाम मरावी पंडा पुजारी, सुरेश मरकाम ब्लॉक अध्यक्ष निवास गोकुल कुशराम सहित स्थानीय आयोजन समिति के सदस्य राम सिंह वरकडे, कमलेश वरकडे, हमेर मरावी, राकेश कुलस्ते, लाल जी सरोते सहित बड़े संख्या में क्षेत्रीय जन उपस्थित रहे।