CM हेल्पलाइन में A ग्रेड बनना है तो फर्जी शिकायत दर्ज कराओ,निराकरण बताओ ओर प्रमाणपत्र पाओ

नगर पालिका खरगोन का नया प्रयोग वाहवाही लूटने का निकाला करिश्माई तरीका

कल्पेश उर्फ राजू सोनी पत्रकार

खरगोन:-एक ओर जहाँ प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश के परिपालन में खरगोन कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल द्वारा सीएम हेल्पलाइन को लेकर काफी गंभीरता दिखाई जा रही है।उनके द्वारा लगातार सभी विभाग को सीएम हेल्प लाइन की शिकायतों का समय सीमा में व संतुष्टि पूर्ण निराकरण करने हेतु बार बार निर्देशित किया जा रहा है व कई बार अधिकारीयो को फटकार भी लगा चुकीं है ।सुश्री भव्या मित्तल का सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश है के सभी को सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण L 1 स्तर पर ही करने का प्रयास करना चाहिए कोई भी शिकायत 50 दिन 100 दिन या उससे अधिक लंबित है तो उस पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। शिकायतों को संतुष्टि पूर्ण निराकरण कर मासिक ग्रेडिंग में A ग्रेड लाने का प्रयास करना चाहिए ।
कलेक्टर मैडम की बातों और निर्देशों पर गंभीरता दिखाते हुए मुख्य नगर पालिकाअधिकारी एम .आर. निगवाल ने भी ठान लिया के अब नगर पालिका की ग्रेडिंग A ग्रेड पर ही रहेगी पर सवाल था कैसे…? तो फिर एक युक्ति निकाली गयी के जैसे स्वच्छता सर्वेक्षण में नगर पालिका को शाइन बोर्ड ,पोस्टर,बेनर लगा कर 7 स्टार बनाया गया।बिना लगाए ही डस्टबिनो की सिर्फ फ़ोटो खिंचा कर काम हो गया ,बड़ी सफाई से शहर की सफाई का सर्वेक्षण करा दिया। वैसे ही सीएम हेल्पलाइन में भी ग्रेड तो अब A ही रहेगी।
तो इसके लिए साहब के कुछ करीबी विद्वानों ने काफी सोच समझ कर इस मर्ज (तकलीफ) का तोड़ निकाल ही लिया जिसका नाम है मर्ज (मिलाना)।
तो निगवाल सर ने सीएम हेल्पलाइन की मर्ज सुविधा का भरपूर लाभ उठाते हुए नगर पालिका की किसी शिकायतकर्ता की शिकायत यदि 2 या उससे अधिक है जिनका लंबे समय से किसी मजबूरी या वचन के चलते निराकरण नही कर पा रहे है, तो उन सभी को एक दूसरे में मर्ज (मिलान)कर दो फिर चाहे वह भिन्न विषय की शिकायत ही क्यों न हो, किसी एक शिकायत में कोई भी मनघडंत प्रतिवेदन डाल कर फोर्स क्लोज करवा दो तो उसके साथ बाकी की सभी शिकायतें भी स्वतः बंद हो जाएगी।
फिर चाहे उन शिकायतों की कोई जांच तक नही की गई हो या जो जांच में सत्य पाई जाने के बाद नगर पालिका ने उस संबंध में कार्यवाही का नोटिस भी दे दिया हो या जो शिकायत जनहित या शासनहित की हो उसे बंद कर दिया जाएगा ।
सर मंसाराम की मंशा तो शायद यही लग रही है के यदि वे
इस तकनीक का प्रयोग यूँही करते रहे तो कलेक्टर मेडम को एक ना एक दिन उन्हें A ग्रेड से सम्मानित करना ही पड़ेगा।करना भी चाहिए
सही तो है, क्योंकि साहब के विद्वानों ने इतना दिमाग लगा कर यदि बिना शिकायत का निराकरण किये शिकायत बंद कर A ग्रेड में आने की इस तकनीक का प्रयोग करना सीखा है तो इस उपलब्धि के लिए उन्हें पुरस्कार तो मिलना ही चाहिए ।
जैसा खरगोन को स्वच्छता में 7 स्टार बनाने के लिए मिलने वाला है ??
ये.. पब्लिक है सब जानती है ।

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ग्रेडिंग बढ़ाने का एक तरीका ये भी है …

नगर पालिका के सामने की चाय टपरी पर हो रही खुसुरफुसुर को जब कान लगा कर सुना तो.. पता चला …
नगर पालिका के एक जिम्मेदार साहब बहादुर ने सीएम हेल्पलाइन पर ग्रेडिंग बढ़ाने के लिए कुछ ग्रेडिंग योद्धा बना रखे है, जो इनके कहने पर सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करवाते है फिर कुछ दिन बाद इनके ही कहने पर शिकायत को बंद भी करवा देते है ,जिसके लिए उन्हें शाबाशी के साथ इनाम भी मिलता है ।
ओर यह सब गुथाफांद सीएम हेल्पलाइन के हिसाब में पुराना बाकी नया चुकता कर रेटिंग हालिस करना है।

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विधानसभा में भी उठा सीएम हेल्प लाइन का मुद्दा

कुछ दिन पहले ही विधानसभा में भी कॉंग्रेस विधायक विजय रेवनाथ चौरे ने प्रश्नकाल के दौरान सीएम हेल्पलाइन पर अधिकारियों / कर्मचारियों द्वारा सीएम हेल्पलाइन में धांधली, दबाव बना कर शिकायत वापस लेने व महीनों तक लंबित शिकायतों के प्रकरण में विधानसभा में प्रश्न उठा कर सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया था ।उनका कहना है कि योजना अच्छी है पर अधिकारी /कर्मचारियों की मनमानी के चलते धरातल पर शून्य साबित हो रही है ।सरकार को इस ओर ध्यान देना आवश्यक है ।

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Author: jtvbharat