
राजेश पिल्ले
इंदौर:- सोमवार को अखिल भारत हिन्दू महासभा का 110 वां स्थापना दिवस वीर सावरकर चौराहा (जंजीर वाला चौराहे) पर वीर सावरकर प्रतिमा स्थल पर बनाया गया, कार्यक्रम के प्रारंभ में सावरकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हिन्दू महासभा के प्रदेशाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह ठाकुर ने बताया की मुस्लिम लीग की कट्टरपंथी विचार धारा और कांग्रेस के मुस्लिम प्रेम के कारण जब हिन्दू नेतृत्व विहीन था हिन्दुओ का कोई नेतृत्वकर्ता नहीं था तब 1915 में देश भर के हिन्दू राजाओ, संतों, विद्वानों, और क्रांतिकारीयो ने मिलकर हिन्दू समाज को संगठित करने के लिये हिन्दू महासभा की स्थापना की, पहले अध्यक्ष काशी नरेश महाराजा मणिन्द्रचंद्र नंदी बने उसके बाद पंडित मदन मोहन मालवीय जी, लाला लाजपत राय स्वामी श्रद्धानंद जी, शंकराचार्य कुर्तकोटी, वीर सावरकर जी, योगी आदित्यनाथ जी के गुरु महंत दिग्विजय नाथ जी महंत अवैध नाथ जी और कई विद्वान हिन्दू महासभा के अध्यक्ष बने और देश की आजादी की लड़ाई लड़ी, हिन्दू महासभा के कई क्रांतिकारीयो ने आजादी में अपना बलिदान दिया भगत सिंह भी अपने जिले के युवा हिन्दू महासभा के अध्यक्ष रहे थे देश के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद हिन्दू महासभा के बिहार प्रदेश के अध्यक्ष रहे, आज के समय समाज में कार्य कर रहे कांग्रेस या कोई और संगठन और पार्टी नहीं बता सकते है कि उनके किसी नेता ने देश के लिए बलिदान दिया है देश की आजादी में बलिदान होने वाले सबसे अधिक नेता हिन्दू महासभा के थे राम मंदिर का केस भी 70 साल तक हिन्दू महासभा ने लड़ा और जीता, धार भोजशाला आंदोलन में भी हिन्दू महासभा 1935 से सक्रिय रूप से लड़ रही हैं धारा 370 राम मंदिर इन सब विषयों पर हिन्दू महासभा लड़ती रहीं हैं
आज 110 वें स्थापना दिवस के अवसर पर हिन्दू महासभा इंदौर के दिवंगत कार्यकर्ता राजा सिंह राजपूत और ओमकार सिंह शेखावत के परिवार का सम्मान किया गया और उन्हें हिन्दू महासभा के प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया, कार्यक्रम में डॉ अखिलेश चंद्र शर्मा ने भारतीय इतिहास और वर्तमान विषय पर अपने विचार रखे, आर्य दक्षदेव गौड़ ने वेद के सिद्धांत से युवाओं का निर्माण पर अपने विचार रखे, योगगुरु उज्जवल स्वामी ने हिन्दू समाज की वर्तमान चुनौतियों पर अपने विचार रखे संचालन राजन महाशब्दे जी ने किया, राष्ट्रीय कवि दिनेश पाठक ने कार्यक्रम के प्रारंभ में बहुत ही सुंदर राष्ट्रभक्ति की कविताओं से शुरुआत की, साथ ही वरिष्ठ पदाधिकारी अर्जुन सिंह चौहान, नंदकिशोर पंवार, अखिलेश चौधरी, अंकित रिंगे, दीपक व्यास, संजीव ठाकुर, डॉ किरण सहारे, संगीता राठौर, वर्षा मांडले, मुनीष गुप्ता, मोहन बामनिया, हेमंत राठौर, नितिन खरगोनकर, अवध साहू, मधुर टेमले, गगन देव सिंह, विक्रम डोडीया, सावन सोनी, मनोज शेखावत, पंकज राजपूतों, विक्की चावरे, अमन पटेल, और सेंकड़ों पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में शामिल हुवे कार्यक्रम के अंत में विगत कई वर्षों से सक्रिय कार्यकर्ता नितिन खरगोनकर, अंकित रिंगे, और अवध साहू का सम्मान किया गया