गर्मी से तप रहे कैदियों के लिए पांच पंखे दिए भेट किए गए

राजेश पिल्ले
महू :- सरकारी नौकरी में भी यदि कर्त्तव्य परायणता व निष्ठा का प्रदर्शन किया जाए तो समाज में बिगड़े लोगों को सुधारकर मुख्य धारा में लाया जा सकता है। पुलिस वालों के लिए देश भक्ति का नारा लिखा जाता है तो जेलरों केलिए समाज सुधारक की उम्मीद की जाती है। इधर समाजसुधारक भी सौगात लेकर पहुंचे और कैदियों के नारकीय जीवन को कुछ हद तक बेहतर जीवन मिले, इसका प्रयत्न करें तो कोई बुराई नहीं है, महात्मा गांधी ने भी कहा था कि अपराध से घृणा करो अपराधी से नहीं, शायद यही भाव लेकर समाजसेवियों ने महू उपजेल में प्रवेश करके भीषण गर्मी में तप रहे कैदियों को हवा मिले, इसके लिए चार पंखे दान दिए, जिससे जेलर भी खुश हुए और उन्होंने हाथोंहाथ अपील कर दी कि यदि कोई दानदाता कूलर, छाछ आदि इन कैदियों के लिए देना चाहें जिससे कैदियों को भीषण गर्मी में राहत मिले, तो उनका स्वागत है। पंखे देने वालों में समाज सेवी दिनेश ठाकुर ,पवन सुले जी, पत्रकार राजेश पिल्लै, सिद्धांत पाटिल आदि मौजूद थे। जिन्होंनें सहायक जेल अधीक्षक दिनेश कुमार दांगी जी को चार पंखे सौंपे। इस दौरान दिनेश ठाकुर ने बताया, कि गर्म मौसम के दिनों में इस तरह के साधनों की खासी आवश्यकता होती है। इस हेतु प्राथमिकता दी गई। लोक हित और सेवा को दृष्टिगत रखते हुए आगे भी हम मित्र मंडली फंड के माध्यम से आवश्यकतानुसार सेवाएं प्रदान करते रहेंगे। इस सराहनीय कार्य के लिए सहायक जेल अधीक्षक दांगी ने आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया। इसके अलावा समाजसेवियों ने जेलर द्वारा कैदियों को सजा पूर्ण होने के बाद बेहतर जीवन जीने की राह मिले, इसके लिए प्रयास किए जा रहे है। कैदी राम नाम बैंक पुस्तिका में राम नाम भी लिखते देखे जाते है, कैदियों को भजन भी सुनाए जाते है। ताकि वो धर्म की राह पर चलें तो अपराध के विचार मन मस्तिष्क में प्रवेश ही ना कर सकें।

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Author: jtvbharat