शराब माफिया मंजू बाई ने कुशल तैराक जो कि निर्दोष है पर करवा दिए 10 प्रकरण दर्ज

थाना प्रभारी की भूमिका संदिग्ध
राजेश पिल्ले
महू : महू के बड़गोंदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम आशापुरा में मंजू बाई का कच्ची शराब कारोबार जिस प्रकार खुलकर फैला हुआ है, उस पर पहले भी आबकारी धाराओं में प्रकरण दर्ज है, यक़ीन नही लेकिन यह साबित होता है के मंजू बाई को कही न कही प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है ! यदि मंजू भाई डावर के फोन की कॉल डिटेल निकाली जाए तो उससे दूध का दूध ओर पानी का पानी हो जाएगा के उसे किन-किन लोगों का संरक्षण प्राप्त है ! बडगोंदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मलेडी में योगेंद्र बनारसी युवक जो की एक कुशल तैराक है,जिसने अपनी जान को जोखिम में डालकर बामनिया कुंड ओर आसपास के झरनों में डूबते हुए पर्यटकों को कई बार मौत के मुंह से बचाया है ,और प्रशासन की मदद करते हुए कई पर्यटक जिनकी कुंड में डूबने से मौत हुई उनके मृत शरीर को निकाला है ! सम्मान के हकदार योगेंद्र बनारसी को थाना प्रभारी लोकेंद्र हीरोरे द्वारा एक ही महिला की शिकायत पर एक के बाद एक 10 प्रकरण बनवा दिए गए! इसके पीछे का कारण मंजू बाई की हनी ट्रिप योजना है, क्योंकि पूर्व में भी अपने दो पतियों को मंजू भाई छोड़ चुकी हैं ,मंजू भाई का उद्देश्य लोगों को फसाना और उनसे पैसे एठने का रहा है, इस बार योगेंद्र बनारसी मंजू बाई का तीसरा शिकार बन गया ! अफसोस तो इस बात का रहा के एक ही व्यक्ति पर 10 प्रकारण दर्ज करवाने वाली मंजू बाई पर थाना प्रभारी का भरोसा क्यों है जो उसकी झूठी शिकायतों पर लगातार सहयोग करते बनारसी के विरुद्ध प्रकरण पर प्रकरण दर्ज किए जा रहे यह मामला भी संदिग्ध नजर आ रहा है क्योंकि जिसके खिलाफ शराब बेचने वाली महिला जो कि योगेन्द्र बनारसी के बच्चे की मां भी रही है, उसकी सुनते हुए कभी योगेन्द्र बनारसी से यह जानने की कोशिश नहीं की यह महिला आखिर क्यों उसके खिलाफ प्रकरण पर प्रकरण दर्ज करवा रही है बल्कि पुलिस महिला की एक तरफा सुनकर कार्यवाही कर रही जो कि न्याय संगत नहीं बल्कि प्राकृतिक न्याय सिद्धांत का भी उल्लंघन दिखाई दे रहा है एक निर्दोष इस महिला से इतना प्रताड़ित होकर अपनी बीवी और तीन मासूम छोटे बच्चों के साथ में कभी प्रशासन के आगे तो कभी कोर्ट में भूखा प्यास अपने आप को बचाने के लिए दौड़ते हुए नजर आ रहा है ! मायूस और हताश योगेंद्र बनारसी अब पूरी तरह से टूट चुका है।पुलिस अधीक्षक को इस प्रकरण की जांच जिले के अन्य अधिकारियों से महू थाना छोड़कर करवानी चाहिए और पीड़ित कुशल तैराक जो प्रशासन की हर दम मदद करता है उसके साथ न्याय करना चाहिए।

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Author: jtvbharat