अवैध मल्टी फ्लैक्स सह शॉपिंग कांप्लेक्स निर्माण हटाने पर स्टे है ..?

50 दिन बीतने के बाद भी अवैध निर्माण को हटाने की कार्यवाही क्यों नहीं हुई…?

जिला प्रशासन/नगर परिषद अवैध निर्माणाधीन ढांचे को जमींदोज करने की कार्यवाही कब करेगा….?

धर्मेश सोनी
पेटलावद:- रविवार 23 मार्च को पेटलावद में दिल दहला देने वाले हादसे ने सबको झंझोक कर रख दिया था …..
नगर परिषद अधिकारी की लापरवाही या अनदेखी कहो नगर के बाहर थांदला रोड पर पेट्रोल पंप के पीछे नगर परिषद की बगैर अनुमति के मल्टी फ्लैक्स सह शॉपिंग कांप्लेक्स का निर्माण करीबन 7 – 8 माह से चल रहा था जिसमें छत लेवल तक कार्य किया जा चुका था ।
23 मार्च 2025 को दोपहर 12.20 के करीबन बगैर अनुमति के थांदला रोड पेट्रोल पंप के पीछे निर्माणाधीन मल्टी फ्लैक्स सह शॉपिंग कांप्लेक्स की ताजी भरी हुई छत ठेकेदार की लापरवाही या घटिया निर्माण से अचानक भड़भड़ाकर गिर गई।
उपरोक्त निर्माण कार्य नरसिंहदास उर्फ (नवीन)पिता प्रकाशचंद्र बैरागी निवासी पेटलावद के द्वारा लंबाई 100 फीट चौडाई 60 फीट कुल 6000 वर्गफीट पर कराया जा रहा था।
बिना अनुमति के निर्माणाधीन मल्टी फ्लैक्स सह शॉपिंग कांप्लेक्स निर्माण की छत गिरने से कुल 05 व्यक्ति घायल हुए।
कुल 05 घायल व्यक्तियों में से 02 व्यक्तियो जिनके नाम लाला पिता सोमला निवासी झावलिया एवं प्रकाश पिता रामलाल प्रजापत की मृत्यु हुई।
शेष 03 व्यक्ति मांगीलाल पिता अमरसिंह निवासी मालपाड़ा,गुड्डा पिता लालू परमार निवासी झावलिया एवं चिंटू पिता अमरसिंह निवासी मालपाड़ा गंभीर घायल हुए ।
इस घटना को बीते करीबन 50 दिन। होने को आए लेकिन नगर परिषद ओर जिला प्रशासन की ओर से इस अवैध निर्माण के खिलाफ कोई सख्त कार्यवाही नहीं की गई न इसको हटाया गया जिसके चलते नगर में इस अवैध निर्माण को लेकर तरह तरह की चर्चाएं हो रही है ।
सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार भूमाफिया नरसिंहदास बैरागी अपने रसूख के दम पर इस अवैध अधूरे निर्माण कार्य की स्वीकृति लेने की बात लोगो से कह रहा है और कह रहा है कि मेरा क्या बिगाड़ लिया……?
नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 187 अंतर्गत संशोधित नियम और अन्य नियमों के अनुसार इस अवैध निर्माण को नगर परिषद पेटलावद को निर्माण स्थल को नियमानुसार जमीदोज करना चाहिए ताकि इससे पुनः निकट भविष्य में कोई नगर परिषद की बगैर स्वीकृति के निर्माण करने की हिम्मत न करे ऐसा हमारा मानना है।
जिला प्रशासन को भी चाहिए कि इस अवैध निर्माण को तत्काल हटाने के नगर परिषद सीएमओ को आदेश निर्देश जारी करे ताकि शहर में जो तरह तरह की चर्चा चल रही उसको विराम मिले वहीं भविष्य में कोई नगर परिषद के निर्माण अनुमति नियमों की अनदेखी न कर सके।

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Author: jtvbharat