
ब्यूरो चीफ 8349303313
धार। वित्तीय मामलों में पारदर्शिता के लिए शासन स्तर पर हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदारों और बिचौलियों की मिलीभगत के सामने सभी प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाएं पंचायतों में अनदेखी एवं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है। पंचायत दर्पण पोर्टल पर अधिकांश पंचायतों के सरपंच-सचिवों ने फर्जी बिल-बाउचर अपलोड कर लाखों रुपए आहरित कर लिए जाते है। पंचायत पोर्टल पर लगाए गए बिलों का सत्यापन करने वाले कोई नहीं है। अगर है भी उसे नजर अंदाज कर दिया जाता है, हैरानी की बात तो यह कि पंचायतों के द्वारा पोर्टल पर अपलोड किए गए बिल-बाउचर धुंधले लगाए जाते हैं।
ऐसा ही मामला जनपद पंचायत धार के ग्राम पंचायत केसुर का प्रकाश में आया है। यहां स्टेशनरी, मटेरियल, फोटो कॉपी, प्रिंट ऑउट, मोबाइल रिचार्ज के साथ ही मटेरियल खरीदी के नाम पर फर्जी और धुंधले बिल बाउचर लगाकर शासकीय राशि खुर्द-बुर्द की जा रही है।
धुंघले बिलों की आड़ में हो रहा खेल
ग्राम पंचायतों में पंचायत दर्पण में अपलोड किए जाने वाले बिलो की धुंधली या ना पढ़े जा सकने वाले बिलो को अपलोड किया जा रहा है ग्राम पंचायत ऐसे बिलो की आड़ में बड़ा फर्जीवाड़ा बड़े पैमानें पर जारी है पंचायतों में किए गए विकास कार्यों के संबंध में पारदर्शिता के लिए पंचायत दर्पण एप पर कार्यों व बिलों की जानकारी अपलोड किया जाता हैं। ऐसे में ग्राम पंचायत केसुर में भुगतान किए गए कई बिल धुंधले दिख रहे हैं।
ऐसे में पता नहीं चल रहा कि उन्होंने कहां से क्या और कितने रुपए का खरीदा है। इन पंचायतों में निमार्ण कार्यों के लिए लाखों की राशि खर्च की गई। बिलों में पारदर्शिता नहीं होने से पंचायतों में हुए कार्यों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पंचायत दर्पण में अपलोड किए गए ये केवल कुछ बिल बाउचर है अगर सभी बिलों की पड़ताल की जाए तो लाखों रुपए का घोटाला सामने आ सकता है, धुंधले बिल से यह जाहिर नहीं हो पाता कि बिल सही लगा है या गलत आखिर ऊपर बैठे जिम्मेदार अधिकारी इसको रोक क्यों नहीं पा रहे है, यह एक बड़ा सवाल है।
इनका कहना
उक्त मामले में जब केसुर सचिव से बात की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि में अभी एक माह पूर्व ही आया हु मुझे इश विषय में जानकारी नहीं।
नोट:- खबर का प्रकाशन पंचायत दर्पण से डाटा लेकर किया गया है।