पुलिस ने किया केरी गांव में देर रात में हुई फायरिंग की घटना का खुलासा, जांच में यह सामने आया ये सच

घटना वास्तविक या पूर्व नियोजित षड्यंत्र पुलिस जांच में चलेगा पता
राजू पटेल
नीमच:- जीरन थाना अंतर्गत ग्राम केरी में 2 और 3 जुलाई की मध्य रात्रि एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। गांव के दशरथ सिंह तोमर के मकान पर नकाबपोश बदमाशों ने एक स्कॉर्पियो वाहन में सवार होकर फिल्मी अंदाज में अंधाधुंध फायरिंग की। हमलावरों ने मकान में घुसकर दीवारों पर रिवॉल्वर से गोलियां चलाईं, लेकिन घटना में किसी को कोई चोट नहीं आई।

शंका के घेरे में दशरथ सिंह तोमर की खुद की भूमिका
विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, यह घटना पूर्व नियोजित प्रतीत होती है। हमलावरों ने मकान की दीवारों पर लगे सीसीटीवी कैमरों पर निशाना साधा, लेकिन कोई कैमरा क्षतिग्रस्त नहीं हुआ। आरोप है कि फायरिंग सिर्फ दीवारों पर ही की गई और किसी व्यक्ति को लक्ष्य नहीं बनाया गया, जिससे घटना की वास्तविकता पर सवाल उठने लगे हैं।

मकान के मुख्य द्वार को स्कॉर्पियो वाहन से रिवर्स मारकर तोड़ा गया, जिसके बाद हमलावर अंदर घुसे और गोलियां चलाईं। घटना के दौरान वीपी सिंह तोमर ने दावा किया कि उन्होंने पत्थर फेंके, लेकिन सवाल उठता है कि गोलियों की बौछार में कोई कैसे पत्थर चला सकता है?

दर्ज हुई पुलिस रिपोर्ट और विरोध
घटना के संबंध में दशरथ सिंह तोमर ने 3 जुलाई को जीरन थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। वहीं, ओमप्रकाश रावत, निवासी गमेरपुरा, ने जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि उनके भाई सुनील रावत का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है, और पुरानी रंजिश के चलते उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है।

ओमप्रकाश रावत ने अपने आवेदन में बताया कि दशरथ सिंह और विश्वनाथ सिंह तोमर द्वारा यह पूरा घटनाक्रम पूर्व नियोजित था, और यह स्वयं के संरक्षण में पल रहे अपराधियों के जरिये रचा गया ड्रामा हो सकता है। उन्होंने पुलिस से सीसीटीवी फुटेज की जांच, डीवीआर रिकॉर्ड और गत दो माह की रिकॉर्डिंग खंगालने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उन स्थानों पर किस प्रकार के लोग आ-जा रहे हैं और क्या यह महज षड्यंत्र था। उन्होंने उच्च अधिकारियों से मांग की कि पूरे घटनाक्रम की पारदर्शी व निष्पक्ष जांच करवाई जाए और निर्दाेषों को झूठे मुकदमों से बचाया जाए।

पुलिस जांच में जुटी
फिलहाल जीरन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए सीसीटीवी फुटेज की भूमिका अहम मानी जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश में है कि हमलावर वास्तव में कौन थे और इस ड्रामे के पीछे असली मकसद क्या था।

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Author: jtvbharat