समय पर नहीं आते आमला नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारी

अजय बचले की रिपोर्ट

आमला। नगर पालिका आमला में इन दिनों कर्मचारियों की कार्यशैली को लेकर जनता में भारी असंतोष देखा जा रहा है। कार्यालय में कर्मचारियों का आना-जाना पूरी तरह मनमर्जी पर आधारित हो गया है। कोई तय समय नहीं — न तो आने का, न जाने का। ऐसे में आम नागरिकों को जरूरी कामों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है।

न नियमितता, न जवाबदेही

कार्यालय प्रातः 10 बजे खुलना चाहिए, लेकिन कई बार ताले ही लटके रहते हैं। 11 बजे तक भी गिनती के कर्मचारी ही मौजूद मिलते हैं। जो आते हैं, वे भी कुछ देर बैठकर चले जाते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर निचले स्तर के कर्मचारी तक ड्यूटी को लेकर लापरवाह दिखते हैं।

बुनियादी सुविधाएं भी प्रभावित

कर्मचारियों की अनुपस्थिति का असर सीधे शहर की मूलभूत सेवाओं पर पड़ रहा है। पेयजल आपूर्ति, सड़क मरम्मत, और सफाई व्यवस्था जैसी जरूरी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। आमला के रहवासी रोज़मर्रा की समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन नगर पालिका की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही।

समय पालन में विफलता बनी गंभीर समस्या

समय पर ड्यूटी पर न आना केवल अनुशासन का उल्लंघन नहीं, बल्कि प्रशासनिक कमजोरी का संकेत है। इससे काम की गुणवत्ता प्रभावित होती है और नागरिकों का भरोसा टूटता है।

जनता की मांग – हो सख्त कार्रवाई

नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर सख्ती बरती जाए। कार्यालय समय सुनिश्चित किया जाए और लापरवाह कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि आमला की व्यवस्था सुधरे और जनता को राहत मिल सके।

इनका कहना है……….

इसके पहले भी लेट आने वालों पर कार्यवाही की गई थी आगे भी कार्यवाही की जाएगी और समय पर आने के लिए निर्देशित किया जाएगा

आमला नगर पालिका अध्यक्ष नितिन गॉडरे

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Author: jtvbharat